Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक 60 साल की महिला को रेलवे की नौकरी और ग्रेच्युटी फंड को लेकर हुए विवाद में अपनी बहू की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि आरोपी महिला अपने मरे हुए बेटे का ग्रेच्युटी का पैसा खुद रखना चाहती थी, और वह यह भी चाहती थी कि उसके पोते को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिले, न कि विधवा बहू को।

सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार नए साल के पहले दिन, पुलिस को कल्याण इलाके में वालधुनी पुल के पास एक महिला के बारे में सूचना मिली, जिसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।

शुरुआत में महात्मा फुले चौक पुलिस स्टेशन में एक आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह मामला तब सुलझा जब लताबाई नाथा गंगुर्दे पुलिस स्टेशन पहुंचीं और दावा किया कि उनकी बहू, रूपाली विलास गंगुर्दे (35), सुबह 8 बजे से लापता है। बाद में उन्होंने पहचान की कि वालधुनी पुल के पास मिली महिला रूपाली ही थी।

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हालांकि, लापता होने की कहानी में तब मोड़ आया जब इंस्पेक्टर विजय नाइक के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने उनसे पूछताछ की। रूपाली के पति विलास, जो एक रेलवे कर्मचारी थे, का सितंबर 2025 में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद, रूपाली को उनकी ग्रेच्युटी के 9-10 लाख रुपये मिले थे, जिसे कथित तौर पर लताबाई ने अपने लिए मांगा था।

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अधिकारी ने बताया कि लताबाई और रूपाली के बीच विलास की रेलवे की नौकरी को लेकर भी विवाद हुआ था। लताबाई चाहती थी कि उसके 15 साल के पोते को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिले, जबकि रूपाली ने खुद उस पद के लिए आवेदन किया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद लताबाई ने अपनी दोस्त जगदीश महादेव म्हात्रे (67) के साथ मिलकर रूपाली को खत्म करने की साजिश रची।

अधिकारी ने बताया कि पिछली रात दोनों ने कथित तौर पर रूपाली पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।कल्याण डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त कल्याणजी गेटे ने बताया कि आरोपियों ने खून के धब्बे साफ किए, पीड़ित के खून से सने कपड़े बदले और शव को पुल के पास फेंक दिया।

हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार

उन्होंने कहा, “यह पैसे के लालच और सरकारी नौकरी पर कंट्रोल के लिए बेरहमी से किया गया एक अपराध था। आरोपियों ने जिस महिला का मर्डर किया था, उसी के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाकर जांच को गुमराह करने की कोशिश की। हमारी टीम ने 24 घंटे के अंदर केस सुलझा लिया।” अधिकारी ने आगे बताया कि लताबाई और म्हात्रे को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।