हमने अब तक कई ऐसे कुख्यात गैंगस्टरों की कहानी आपको बताई है जिनके अपराध रूह कंपा देने वाले हैं। खुद को कानून से ऊपर समझने वाले इन अपराधियों पर समय-समय पर पुलिस ने कार्रवाई भी की है। आज हम जिस गैंगस्टर का यहां जिक्र कर रहे हैं उसे अपराध की दुनिया में ‘रावण’ के नाम से जाना जाता था। इतना ही नहीं ‘रावण’ ने अपनी गर्लफ्रेंड का नाम ‘मंदोदरी’ भी रख लिया था। साल 2019 में इंदौर पुलिस ने ऋषभ शर्मा नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था। ऋषभ को उस वक्त गिरफ्तार तो किया गया था हथियार तस्करी के आरोप में लेकिन जांच-पड़ताल के दौरान ऋषभ को लेकर कई खुलासे हुए थे। पता चला था कि उसने अपने एक साथी आशीष काछी के साथ मिलकर गोसलपुर के बुढ़ानगर में स्थित ढाबा के संचालक ऋषि असाटी का कत्ल भी किया था।

पुलिस ने इस घटना के बारे में बताया था कि ऋषभ ढाबा संचालक ऋषि असाटी को रंगदारी के लिए धमकाने के मकसद से गया हुआ था। उसने ढाबा संचालक से 2 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। इस दौरान ऋषभ ने ऋषि पर पिस्तौल तान दिया था। लेकिन घबरा कर ऋषि ने शोर मचा दिया था जिसके बाद अपराधियों ने ऋषि के सिर में गोली मार दी थी।

इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा को दबोचने के बाद पुलिस ने उस वक्त कई अहम बातों का खुलासा किया था। पुलिस ने बताया था कि ऋषभ शर्मा को जरायम की दुनिया में ‘रावण’ के नाम से जाना जाता है। ढाबा संचालक की हत्या के बाद ‘रावण’ अपने साथी के साथ महराजपुर बाइपास पहुंचा था। यहां दोनों ने मिलकर अपनी बाइक झाड़ियों में छिपा दी थी और फिर यह दोनों अपने एक अन्य साथी अंचल की स्कूटी पर बैठकर स्टेशन चले गये थे।

दोनों ने शहर छोड़ दिया और प्रयागराज पहुंच गये थे। यहां कुछ दिन तक रुकने के बाद दोनों दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में 10 दिन तक रहने के बाद दोनों इंदौर पहुंचे थे। यहां एक हथियार तस्करी के मामले में इन दोनों की गिरफ्तारी हुई थी। जिसके बाद इस हत्यकांड का भी पर्दाफाश हुआ।

पुलिस ने उस वक्त बताया था कि ऋषभ ‘रावण गैंग’ बनाना चाहता था और खुद एक डॉन बनने की तमन्ना रखता था। गिरफ्तारी के वक्त महज 22 साल के रहे रावण पर पहले ही हथियारों की तस्करी का मामला दर्ज था। एक खास बात यह भी थी कि ‘रावण’ एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता था। रावण की एक गर्लफ्रेंड थी जिसका नाम उसने ‘मंदोदरी’ रखा था।