Kanpur Lab Technician Sanjit Murder and Kidnapping Case: कानपुर के चर्चित लैब तकनीशियन संजीत यादव के अपहरण और उनकी हत्या के बाद यहां पुलिस अब तक संजीत की लाश नहीं ढूंढ सकी है। पुलिस करीब 12 दिनों से संजीत का शव ढूंढने की दिशा में प्रयास कर रही है। इन सब के बीच अब राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश करने का फैसला किया है।
न्यूज एजेंसी ‘ANI’ ने बताया है कि सीएम कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि संजीत यादव के परिवार वालों की अपील पर राज्य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करने का फैसला किया है। संजीत यादव की हत्या की खबर सामने आने के बाद से ही उनके परिजन सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे।
बताया जा रहा है कि सीबीआई जांच की सिफारिश होने के बाद संजीत के परिजनों ने धरना खत्म कर दिया है। आपको बता दें कि कानपुर के बर्रा के रहने वाले संजीत यादव का 22 जून को अपहरण कर लिया गया था। 28 साल के संजीत के अपहरण के बाद परिजनों का कहना था कि किडनैपर्स ने उन्हें फोन कर संजीत को रिहा करने के बदले 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने खुद किडनैपर्स को फिरौती की यह रकम दिलवाई थी और कहा था कि वो किडनैपर्स को पकड़ लेगें लेकिन पुलिस किडनैपर्स को पकड़ नहीं सकी और वो उनके पैसे भी ले गए।
इधर संजीत के अपहरण के करीब 1 महीने बाद पुलिस ने इस मामले मे 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन सभी ने पुलिस को बताया कि अपहरण के चार दिन संजीत की हत्या कर उन्होंने उनका शव पांडु नदी में फेंक दिया था। हालांकि अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम लेने से इनकार किया था।
इन आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस पिछले करीब 12 दिनों से संजीत यादव की लाश खोज रही है। कई गोताखोरों की मदद नदी में लाश खोजने के लिए ली गई है लेकिन अब तक डेड बॉडी नहीं मिली है।
मामले में प्रदेश सरकार ने जिले के एएसपी, डीएसपी और थाने के इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। पुलिस मुख्यालय के एडीजी बीपी जोगदंड को मामले की जांच सौंपी थी

