Kanpur Encounter News: कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए सर्किल ऑफिसर देवेंद्र मिश्र की चिट्ठी अब सामने आई हैं। अपनी चिट्ठी के जरिए देवेंद्र मिश्र ने पहले ही आशंका जताई थी कि विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध है और कोई बड़ी घटना हो सकती है। लेकिन लगता है उनके ख़त को गंभीरता से नहीं लिया गया और फिर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने 8 पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया।

बताया जा रहा है कि मार्च के महीने में चौबेपुर थाना के सीओ देवेंद्र मिश्र ने तत्कालीन एसएसपी को खत लिखकर कई बातें बताई थीं। देवेंद्र मिश्र की जो चिट्ठी इस वक्त मीडिया में सामने आई है उसमें लिखा गया है कि – ‘इस प्रकार ऐसे दबंग कुख्यात अपराधी के विरुद्ध थानाध्यक्ष द्वारा सहानुभूति बरतना व अब तक कार्यवाही ना कराना विनय तिवारी की सत्यनिष्ठा पूर्णत: संदिग्ध है, अन्य माध्यम से भी जानकारी हुई है कि श्री विनय कुमार तिवारी का पूर्व से विकास दुबे के पास आना-जाना व वार्ता करना बना हुआ था।

यदि थानाध्यक्ष ने अपने कार्य प्रणाली में परिवर्तन न किया तो गंभीर घटना घटित हो सकती है। थानाध्यक्ष श्री विनय कुमार तिवारी के विरुद्ध उपरोक्त अभियोग में 386 धारा हटवाने व अब तक कोई भी कार्यवाही न कराने के संबंध में कार्यवाही किये जाने के लिए संस्तुति की जाती है।’

अपने खत में सीओ देंवेंद्र मिश्र ने लिखा है ‘उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष चौबेपुर विनय तिवारी को निर्देशित किया था क्योंकि ऐसे अपराधी के खिलाफ सामान्य जनता शिकायत करने का साहस नहीं रखती। इसके अलावा सीओ ने 13 मार्च 2020 को थाना चौबेपुर में विकास दुबे के खिलाफ आईपीसी की धारा 386/47/48/323/504/506 के तहत दर्ज मामले का जिक्र किया और कहा कि उक्त मामले में उन्होंने एसओ तिवारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।’

मिश्र ने कहा कि ‘मामले पर शून्य कार्रवाई के बाद उन्होंने जब इसका निरीक्षण किया तो पाया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में से धारा 386 को हटा दिया गया और इसकी जगह पर पुरानी रंजिश होने के संबंध में मामला दर्ज कर दिया गया है। विवेचक से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि थानाध्यक्ष के कहने पर ऐसा किया गया है। इस बारे में मिश्र ने उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराने की बात कही है।’

इस खत के वायरल होने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। यहां आईजी ने इस चिट्ठी की जांच करा कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।