इधर कांग्रेस के एक नेता के पास आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का ख़त पहुंचने के बाद से सनसनी फैल गई है। इस चिट्ठी में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जम्मू कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह की हत्या की धमकी दी गई है। हिज्बुल मुजाहिद्दी ने धमकी दी है कि उसके निशाने पर जम्मू कश्मीर में मुख्यधारा की राजनीति से जुड़े 14 बड़े नेता हैं। बताया जा रहा है कि यह खत जम्मू कश्मीर कांग्रेस के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट और पूर्व मंत्री रमन भल्ला को पोस्ट के जरिए भेजा गया है। 2 पन्नों का यह खत आतंकी संगठन के लेटर पैड पर है और उर्दू भाषा में लिखा गया है।
जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीधर पाटिल ने ‘PTI’ से बातचीत में बताया कि ‘हमने इस मामले में जरुरी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और आगे की जांच की जा रही है।’
कांग्रेस नेता रमन भल्ला ने कहा कि ‘इस मामले में पुलिस से तुरंत संपर्क किया गया है और जरुरी एक्शन लेने के लिए कहा गया है…हम ऐसी धमकियों के आगे झुकेंगे नहीं और राष्ट्र विरोधी ताकतों का हम विरोध करते हैं और कांग्रेस बलिदान देने वाली पार्टी है…हम आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।’
इस खत में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के एक कथित कमांडर का हस्ताक्षर भी है। इसमें 17 वरिष्ठ राजनेताओं का जिक्र किया गया है। जिनमें केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अलावा, रमन भल्ला, जम्मू कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना, पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता देवेंद्र सिंह राणा, नेशनल पैंथर पार्टी के अध्यक्ष हर्ष देव सिंह समेत अन्य नेताओं का जिक्र है।
क्या लिखा है खत में? चिट्ठी में लिखा गया है कि ‘हम आपको चेतावनी देते हैं कि राजनीति को बदलो और आजादी की हमारी मांग का सपोर्ट करो…वरना आप के खिलाफ हम मौत का वारंट जारी करेंगे। कोई सुरक्षा कवच आपको हमसे नहीं बचा सकती। काम शुरू हो चुका है…जो संसद और लाल किले पर हमला कर सकते हैं वो आपकी हत्या कर सकते हैं…आने वाले दिनों में भारत को सपोर्ट करने वाला कोई भी भारतीय या राजनेता जिंदा नहीं बचेगा…आधा जम्मू पहले से ही हमारे साथ है..लेकिन कुछ राजनेता हैं जो हमारे मकसद में अड़ंगा डाल रहे हैं।’
हाई लेवल जांच की मांग: इधर इस धमकी भरे खत के सामने आने के बाद जेकेएनपीपी के अध्यक्ष हर्ष देव ने इस मामले में हाई-लेवल जांच की मांग उठाई है। उन्होंने इस खत को लेकर किसी बड़ी राजनीतिक साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने आगे कहा कि ‘मुझे पहले बीजेपी नेताओं की तरफ से धमकियां मिली थीं और मैंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी उठाई थी लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया।’
उन्होंने कहा कि ‘मुझे सिर्फ एक सुरक्षाकर्मी दिया गया है जबकि मैं तीन बार विधायक रह चुका हूं और पूर्व मंत्री भी हूं…एक साधारण भाजपा कार्यकर्ता को 10 सुरक्षा गार्ड दिये जाते हैं। इस मामले में सच्चाई उजागर करने के लिए जांच जरुरी है।’
