आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे की गिनती उन अफसरों की श्रेणी में होती है जिन्होंने अपनी खास कार्यशैली से अलग पहचान कायम की है। पुलिस सेवा के दौरान शिवदीप लांडे जहां कही भी पोस्टेड रहे उन्होंने सफलता के झंडे गाड़े। इस वक्त ATS में तैनात शिवदीप लांडे ने चर्चित मनसुख हिरेन हत्याकांड को सुलझाने का दावा कर खुद यह बताया है कि यह केस उनके लिए पुलिस करियर का अब तक का सबसे जटिल केस में से एक रहा।
महाराष्ट्र के ही अकोला में जन्में शिवदीप लांडे के बारे में बताया जाता है कि उनके पिता किसान थे। शिवदीप लांडे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और यूपीएससी की तैयारी भी की। वो बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी बने और उनकी पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले में हुई थी। नक्सल प्रभावित जमालपुर इलाके में नक्सलियों पर नकेल कस शिवदीप लांडे ने उस वक्त खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
साल 2015 में शिवदीप लांडे उस वक्त भी चर्चा में आए थे जब उन्होंने बेहद ही नाटकीय अंदाज में एक पुलिसवाले को घूस लेते रंगेहाथ दबोचा था। आरोपी पुलिस वाले को दबोचने के लिए वो टी-शर्ट और दुपट्टा ओढ़ पहुंचे थे। इस गिरफ्तारी के बाद शिवदीप लांडे काफी चर्चा में थे। कहा जाता है कि शिवदीप लांडे जब पटना में पोस्टेड हुए तब उन्होंने सड़क छाप गुंडों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। खासकर बीच राह लड़कियों को परेशान करने वाले मनचलों पर शिवदीप लांडे कहर बनकर टूटे थे।
बताया जाता है कि शिवदीप लांडे ने अपना निजी नंबर छात्र-छात्राओं के बीच बांट दिया था ताकि वो किसी भी समय उनकी सहायता के लिए पहुंच जाएं। यह भी कहा जाता है कि रात के वक्त शिवदीप लांडे सादे लिबास में अकेले ही सड़कों पर कानून-व्यवस्था का जायजा लेने निकल जाते थे। अपनी निडर और दबंग कार्यशैली के लिए शिवदीप लांडे जनता के बीच काफी लोकप्रिय रहे। फरवरी 2011 से लेकर नवंबर तक पटना में सेवा देने के दौरान शिवदीप लांडे की लोकप्रियता काफी बढ़ी।
साल 2013 में एक वक्त ऐसा भी आया जब शिवदीप लांडे ने एक और साहसी अफसर मनु महाराज से मदद मांगी थी। दरअसल शिवदीप लांडे ने उस वक्त के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज से उनके खिलाफ बनाए गए 23 फर्जी फेसबुक अकाउंट/पेज की शिकायत की थी। इन सभी अकाउंट्स को अज्ञात यूजर्स ने बनाया था। जब शिवदीप वामन लांडे पटना के सिटी एसपी थे तब उस वक्त भी उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाए गए थे।
शिवदीप लांडे को केंद्रीय गृह मंत्रालय और पटना पुलिस मुख्यालय की तरफ से सूचित किया गया था कि उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाए गए हैं, जिसके बाद उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उस वक्त शिवदीप लांडे ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अपने साथ से कई सारे फेसबुक अकाउंट को देख कर वो खुद ही हैरान हैं, क्योंकि उन्होंने एक भी अकाउंट खुद से नहीं बनाया।
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