इधर अब आंध्र प्रदेश के सांगारेड्डी जिले में करीब 2400 मजदूरों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया है। कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले यह मजदूर बुधवार (29-04-2020) की सुबह संगारेड्डी इलाके में जमा हुए और उन्होंने सड़क पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
सड़क पर जमा सभी मजदूर घऱ भेजने की मांग कर रहे थे। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेन्सिंग की धज्जियां उड़ाकर सड़क पर इतनी संख्य में मजदूरों के जुटने की खबर मिलने के बाद यहां प्रशासन के होश उड़ गए। इन मजदूरों की भीड़ को खत्म करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस को इनके गुस्से का शिकार होना पड़ा।
मजदूरों ने पुलिस पर पत्थर बरसाए और पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी। इसमें कुछ पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए हैं। आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार (28-04-2020) को गुजरात के सूरत में भी श्रमिकों का ऐसा ही प्रदर्शन सड़कों पर देखने को मिला था। सूरत में बन रहे डायमंड बुश में सैकड़ों मजदूरों ने हंगामा किया था। गांव भेजने की मांग को लेकर इन मजदूरों ने कार्यालय में तोड़फोड़ भी मचाई थी।
यहां मजदूरों का कहना था कि लॉकडाउन के दौरान भी उनसे काम करवाया जा रहा है। यहां मौके पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों को समझाया था औऱ उन्हें वहां से हटाया था।
आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिेए अभी देश भर में लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के दौरान किसी को भी घऱ से बेवजह निकलने की इजाजत नहीं है। लॉकडाउन हो जाने की वजह से कई राज्यों में प्रवासी मजदूर फंस गए हैं जो अब अपने घर जाना चाहते हैं।
कई श्रमिकों का कहना है कि कंपनी, उद्योग-धंधे बंद होने की वजह से उनके सामने राशन-पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। कई मजदूर तो इस दौरान सैकडों-हजारों किलोमीटर का सफऱ पैदल तय कर अपने घर भी गए हैं। हालांकि अलग-अलग राज्य सरकारें अपनी तरफ से मजदूरों के लिए राशन-पानी का इंतजाम करने के प्रयास में भी जुटी हुई हैं।

