‘एक साल तक तुम्हें यहीं खड़ा रख सकता हूं’…आरोप है कि यह धमकी भारतीय जनता पार्टी के एक मंत्री के बेटे ने महिला कॉन्स्टेबल को दी है। मामला गुजरात का है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कुमार कनानी के बेटे प्रकाश का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है। वायरल ऑडियो में कथित तौर से प्रकाश महिला पुलिसकर्मी सुनीता यादव को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं। यह भी खबर है कि महिला पुलिस अधिकारी ने इससे परेशान होकर इस्तीफा दे दिया है।
कर्फ्यू तोड़ने पर मंत्री के बेटे को रोका: बताया जा रहा है कि महिला कॉन्स्टेबल सुनीत यादव ने बीते बुधवार की रात सूरत के मानगढ़ चौक के पास भाजपाई मंत्री के बेटे प्रकाश और उनके दोस्तों को कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन कर घूमने के आरोप में रोका था। प्रकाश ने मास्क भी नहीं लगाया था जिसपर सुनीता ने उनसे सवाल पूछे। इसपर प्रकाश इस ऑडियो क्लिप में यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि ‘मेरे पास पावर है। 365 दिन तक तुम्हें यहीं खड़ा कर सकता हूं। इसके बाद महिला कॉन्स्टेबल प्रकाश को कड़ा जवाब देते हुए कहती हैं कि वो उनके या उनके पिता की नौकरानी नहीं हो जो वो उन्हें एक साल तक यहां खड़ा कर सकते हैं।’
सीनियर पुलिसकर्मी ने कुछ नहीं किया: इसके बाद कॉन्स्टेबल सुनीता कथित तौर से इस क्लिप में अपने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को फोन पर इस घटना के बारे में सूचना देती सुनाई दे रही हैं। वो अपने सीनियर पुलिसकर्मी को बताती हैं कि उन्होंने रात के वक्त कर्फ्यू तोड़ कार से घूम रहे 5 लोगों को रोका है। इनमें विधायक कनानी के बेटे भी हैं। वो कहती हैं कि प्रकाश उन्हें धमकी दे रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। लेकिन सुनीत के सीनियर ने उनसे कहा कि वो वहां से चली जाएं।
जांच के आदेश जारी: मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद परेशान होकर महिला कॉन्स्टेबल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इधर इस ऑडियो क्लिप के वायरल होने पर सूरत के पुलिस कमिश्नर, आर बी ब्रहमभट्ट ने एसीपी (ए-डिविजन) सीके पटेल को इस मामले में जांच करने के आदेश दिये हैं। इस मामले में असिस्टेंट कमिशनर ऑफ पुलिस (स्पेशल ब्रांच) पी एल चौधरी ने कहा है कि जांच के बाद जरुरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने दी सफाई: हालांकि वराछा से विधायक कुमार कनानी ने अब इस मामले में सफाई दी है। उन्होंने दावा किया है कि उनका बेटा उस रात अपने ससुर को देखने के लिए सिविल अस्पताल जा रहा था। उसके ससुर कोरोना से संक्रमित हैं और उनका इलाज चल रहा है। औऱ इसी दौरान कॉन्स्टेबल ने उन्हें पकड़ लिया।
मंत्री के मुताबिक ‘उनके बेटे ने महिला कॉन्स्टेबल से आग्रह किया कि वो उन्हें जाने दें। इसपर महिला कॉन्स्टेबल इस बात पर उलझ गईं कि उनकी गाड़ी पर एमलए क्यों लिखा हुआ है। उसने बताया कि यह गाड़ी उनके पिता की है। कॉनस्टेबल ने पूछा कि तो फिर वो क्यों उनकी गाड़ी में बैठे हैं। मेरे विचार से महिला कॉन्स्टेबल को यह समझना चाहिए था कि मेरे बेटा क्या कह रहा है। मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों को एक – दूसरे को समझने की जरुरत थी।’
