कैमूर पुलिस ने गुरुवार (29 अगस्त) को चांद थाने के अंतर्गत आने वाले खरौली गांव स्थित एक घर में छापा मारा और 7.35 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए। इस दौरान 2000 हजार रुपए और 500 रुपए के नकली नोटों के साथ दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि अपराधियों ने उत्तर प्रदेश के एक जूलर को धोखा देकर उससे 85 हजार रुपए लूट लिए थे। छापेमारी के दौरान विक्टोरियाकाल के चांदी के 104 सिक्के जिनकी कीमत 1.4 लाख रुपए थी, साथ ही 1.20 लाख के असली नोट और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
विक्टोरियाकाल के चांदी के सिक्कों का किया सौदाः एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि बुधवार को यूपी की सीमा से लगे भदोही जिले के कटारा बाजार के जूलर भरत कुमार जायसवाल ने शिकायत दर्ज थी। इसके बाद चांद थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर सचिन कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम गठित की गई। जूलर ने शिकायत की कि खरौली के दो लोगों ने 85 हजार रुपए के भुगतान पर 2.5 किलोग्राम विक्टोरियनकाल के पुराने चांदी के सिक्के देने का सौदा किया, जो बाजार दर से काफी सस्ता था। उन्होंने उसे सैंपल दिखाए जो असली थे। इसके बाद जूलर अपने दोस्त संजय कुमार और रहमान शाह के साथ तय रकम के साथ गांव पहुंचे। उन्हें एक कमरे में बुलाया गया जहां पर एक आदमी ने उन्हें 100 से ज्यादा चांदी के सिक्के दिखाए जो असली लग रहे थे। जायसवाल ने 85 हजार रुपए दिए और सिक्कों का वजन कर उन्हें देने के लिए कहा।
पुलिस ने बताया अंतर्राज्यीय रैकेट का हाथः इस दौरान अपराधियों ने अपने हथियार निकाल लिए और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जूलर और उनके दोस्त किसी तरह जान बचाकर वहां से भागे और पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। फरार आरोपियों की पहचान पिंटू गिरि और तहसीर धोबी के रुप में की गई है। एस पी अहमद ने बताया कि 2000 और 500 के नकली नोट एकदम असली लग रहे थे। उन्होंने बताया कि केवल नए कंप्यूटराइज्ड तकनीक वाली प्रिटिंग मशीन की मदद से ही इस तरह के नोट प्रिंट किए जा सकते हैं। पुलिस ने इसके पीछे नकली नोट छापने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय रेकैट का हाथ बताया।
2.6 लाख रुपए लूटने का मामला दर्जः पिछले साल 11 अक्टूबर को को कुकुधि गांव के अंतर्गत आने वाले सोनहन पुलिस स्टेशन में पिंटू और तहसीर के खिलाफ 25 किलो चांदी के सिक्के देने के बदले में 2.6 लाख रुपए लूटने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाई थी।
