मुंबई में ड्रग्स रैकेट से जुड़े कई लोगों को पकड़ने के बाद अब Narcotics Control Bureau यानी एनसीबी अब दिल्ली में ड्रग्स के कारोबार औऱ उससे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना चाहती है। ‘Hindustan Times’ की खबर के मुताबिक Drug Enforcement Agency से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है।
हालांकि अधिकारी ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि एजेंसी के पास दिल्ली में ड्रग्स को लेकर कई लीड अभी है या नहीं लेकिन एजेंसी की तरफ से साफ किया गया है कि ‘हम दिल्ली की तरफ भी फोकस करेंगे। दरअसल ड्रग्स की सप्लाई को लेकर जो तरीका मुंबई में अपनाया जाता है हम यह जांच करेंगे कि इस तरीसे ड्रग्स की सप्लाई और कहां हो रही है।’
आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल का जांच कर रही एनसीबी की टीम ने एक युवक को पकड़ा था और इसके बाद इस मामले में 20 लोगों को पकड़ा गया। जिसमें रिया चक्रवर्ती भी शामिल हैं।
ड्रग्स उपभोग को लेकर देशव्यापी सर्वे में सरकार की तरफ से साल 2019 में कहा गया कि दिल्ली, देश के उन राज्यों के समूह जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में शामिल था, जहां पर देश के आधे से ज्यादा करीब 77 लाख ड्रग्स लेनेवाले हैं।
सर्वे में यह बताया गया कि भारत में ड्रग्स कितना बड़ी समस्या है। सर्वे के मुताबिक, एक सीनियर एनसीबी अधिकारी ने कहा कि देश की 2.1 फीसदी आबादी नशीले पर्दार्थों का इस्तेमाल करती है।
एनसीबी का अनुमान है कि अगर ड्रग्स का उपयोग करने वाले 77 लाख लोगों में से केवल 20 लाख लोग आश्रित हैं जो प्रतिदिन न्यूनतम 0.5 ग्राम हेरोइन का उपभोग करते हैं, तो देश में प्रतिदिन हेरोइन की औसत खपत 1000 किलोग्राम प्रति दिन है।
इसका मतलब है कि प्रति वर्ष न्यूनतम 360 टन खुदरा गुणवत्ता या 36 टन थोक (अपेक्षाकृत शुद्ध) हेरोइन की मांग है। इस हेरोइन की का अंतर्राष्ट्रीय मूल्य करीब 1,44,000 करोड़ रुपये है।
बहरहाल अब एनसीबी की रडार पर मुंबई के बाद दिल्ली है। एनसीबी की टीम दिल्ली में ड्रग्स के कारोबारियों और इसका इस्तेमाल करने वालों पर बड़ी कार्रवाई करने के मूड में है।

