देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के टिगरी इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के स्थानीय लोग बीते दो महीने से शराब के ठेके का विरोध कर रहे थे। हालांकि, बात गुरुवार की शाम को तब और बिगड़ गई, जब ठेका संचालकों ने लेडीज बाउंसरों को बुलाकर विरोध कर रही महिलाओं की पिटाई करवा दी। इस मारपीट में हेड कांस्टेबल के साथ भी मारपीट की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली के टिगरी इलाके में शराब का ठेका खुलने के बाद स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे। ऐसे में ठेका संचालक ने ठेके पर कुछ लेडीज बाउंसरों को काम पर लगा दिया। पुलिस ने बताया कि 23 जून को आठ बजे रात में सूचना मिली थी कि कुछ स्थानीय महिलाओं की ठेके के लेडीज बाउंसरों से बहस हो गई और फिर नौबत हाथापाई तक पहुंच गई।
महिलाओं के मुताबिक, वह 65 दिनों से इस शराब के ठेके का विरोध कर रही थी। उनका कहना था कि ठेका खुलने के बाद इलाके में संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो गई हैं और उन्हें असुरक्षा महसूस होती है। इस संबंध में उन लोगों ने हर स्तर पर शिकायत भी की थी। इसी क्रम में उनका यह विरोध जारी था। तभी महिलाओं की बहस ठेके में तैनात की गई लेडीज बाउंसरों से हुई थी और फिर मारपीट शुरू हो गई थी।
इस घटना की सूचना पर इलाके में तैनात पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को शांत कराने पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ भी मारपीट की गई। इस झगड़े में इलाके में तैनात हेड कांस्टेबल और बीट ऑफिसर के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उनकी वर्दी फाड़ दी गई। अब इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। महिलाओं का आरोप है कि उन पर ब्लेड से भी हमला किया गया, जिसमें एक महिला भी घायल हो गई।
पुलिसकर्मी पूरे मामले को शांत कराने पहुंचे थे लेकिन दोनों तरफ से झगड़ा इतना आक्रामक हो गया कि झड़प बढ़ती चली गई। महिलाओं का आरोप है कि बीते दिनों ठेके पर इतनी लेडीज बाउंसर नहीं थी लेकिन बढ़ते विरोध के चलते इसकी संख्या बढाकर 40 से 50 के करीब कर दी गई थी। इस केस में अब तक 10 आरोपियों को पकड़ा गया है।
