2012 Delhi Gang Rape Case: निर्भया के गुनहगारों का नया डेथ वॉरंट जारी करने की मांग पर दिल्ली की अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई। अदालत में दोषी पवन गुप्ता के वकील ने कहा कि उसके पास कोई वकील नहीं है, इस पर अदालत ने उसे कानूनी मदद देने की पेशकश की। दोषी को सहायता देने की बात पर पीड़िता की मां ने कोर्ट से दोषियों के लिए डेथ वॉरंट जारी करने की मांग की। इसके बाद निर्भया की मां कोर्ट में रो पड़ीं। रोते-रोते उन्होंने कहा कि ‘मेरे अधिकारों का क्या हुआ? मैं यहां हाथ जोड़ कर खड़ी हूं…कृप्या कर डेथ वारंट जारी करें…मैं भी इंसान हूं…7 साल से ज्यादा हो चुके हैं।’
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी। पीड़िता की मां रोते हुए वो अदालत से बाहर चली गईं और कहा कि ‘मैं अब आशा और विश्वास खो रही हूं। कोर्ट को दोषियों की चालबाजी समझनी चाहिए। अगर पवन को नया वकील दिया जाता है तो वो फिर से अदालत में तिकड़मबाजी करेगा।’
पीड़िता की मां ने कहा कि ‘जज दोषियों को फांसी दिये जाने की तारीख नहीं तय कर रहे हैं। इससे दोषियों को मदद मिल रही है। मैं सुप्रीम कोर्ट से अपील करती हूं कि वो डेथ वारंट जारी करें क्योंकि पटियाला कोर्ट फ्रेश डेथ वारंट जारी करने के मूड में नहीं है। मुझे उम्मीद है कि मुझे यहां न्याय मिलेगा। ये सभी दोषी कानूनी तिकड़मबाजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं नहीं समझ पा रही हूं कि अदालत यह बात क्यों नहीं समझ रही।’
बता दें कि पीड़िता के परिवार और दिल्ली सरकार ने नया डेथ वॉरंट जारी करने के लिए अर्जी दायर की थी। दोषी विनय शर्मा, मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय ठाकुर को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जानी थी, लेकिन 31 जनवरी को कोर्ट ने इसे टाल दिया था। आज ही यह भी खबर आई है कि पीड़िता के पैतृक गांव में उसके रिश्तेदार से अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बदसलूकी की। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था।
