Coronavirus, Dead Body Of COVID-19 Patient Thrown By Health Workers: COVID-19 से संक्रमित एक मरीज की डेड बॉडी के साथ अमानवीय सलूक किये जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने शव को फेंक दिया और फिर वहां से चले गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि PPE किट पहने चार लोगों ने चादर में लपेटे गए एक डेड बॉडी को पकड़ रखा है।
कुछ दूर तक चलने के बाद वो डेड बॉडी को किसी कब्र की तरह बनाए गए एक गड्ढे में उछाल कर फेंक देते हैं। इसके बाद यह चारों शख्स वहां से निकल जाते हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ अन्य लोग भी वहां खड़े हैं जिनमें कुछ पुलिस वाले भी हैं। एक शख्स अंगूठा दिखाता है और कहता है ‘शव को फेंक दिया।’ बताया जा रहा है कि शव को इस तरह से कब्रनुमा गड्ढे में फेंकने वाले स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मी थे और बाद में अंगूठा दिखाने वाला शख्स भी स्वास्थ्यकर्मी ही है।
वीडियो से पता चल रहा है कि शव के साथ क्रूरता बरते जाने के दौरान COVID-19 से संबंधित नियमों की भी धज्जियां उड़ाई गई हैं। नियमों के मुताबिक कोरोना से मरने वाले शख्स के डेड बॉडी को एहतियात के तौर पर ‘बॉडी बैग’ में रखा जाता है लेकिन यहां सरकारी अधिकारियों नियम-कानून को पैरों तले रौंद रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शव के साथ अमानवीय व्यवहार किये जाने और संक्रमण के खतरे को न्योता देने का यह वीडियो पुद्दुचेरी का है। वीडियो वायरल होने के बाद यहां के कलेक्टर अरुण ने कहा है ‘मैंने संबंधित विभाग को नोटिस जारी किया है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इस मामले की जांच कर रहा हूं।’
वहीं पुद्दुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी ने कहा है कि इस मामले में शामिल लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इधर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सफाई दी है कि उन्होंने कोविड से मौत के बाद मृतक युवक की डेड बॉडी रेवेन्यू डिपार्टमेंट को अंतिम संस्कार के लिए सौपी थी।
आपको बता दें की डेड बॉ़डी से अमानवीय व्यवहार करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत कार्रवाई का नियम भी है। बहरहाल अब इस मामले में जांच के आदेश दे दिये गये हैं।

