कोरोना संक्रमण ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। इस बीच ब्राजील में इस जानलेवा संक्रमण ने 43,000 से ज्यादा जिंदगियां लील ली हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है अत्यधिक मौतों की वजह से साओ पाउलो में लाशों को दफनाने की जगह की कमी हो गई है। यहां म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ने अपने एक बयान में कहा है कि ‘जो कब्रें तीन या इससे ज्यादा साल पुरानी हैं…उन्हें फिर खोदा जा रहा है। इनसे मिले अवशेषों को नंबर लिखे बैग्स में रखा जा रहा है। 15 दिन में ये अवशेष किसी दूसरे कब्रिस्तान को दिए जाएंगे।’

दरअसल यहां कोरोना ने हालात ऐसे बना दिये हैं कि लोग यहां काफी संख्या में मर रहे हैं औऱ उन्हें दफनाने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में यहां पुरानी कब्रों को खोद कर उसमें नई लाशें दफनाई जा रही हैं। पुरानी कब्रों को खोदने के बाद मिले अवशेषों को सुरक्षित रखा जा रहा है। ‘फॉक्स न्यूज’ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि विला फॉर्मोसा कब्रिस्तान में अप्रैल में 1654 लोगों को दफनाया गया। यह संख्या मार्च के मुकाबले 500 ज्यादा थी। मई और जून में मौतें काफी बढ़ीं लेकिन, इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।

इतना ही नहीं यह भी कहा जा रहा है कि यहां संक्रमितों की संख्या को देखते हुए अस्पतालों में बेड की भारी कमी हो गई है। आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण के मामले में ब्राजील ( Brazil ) दुनिया में अमरीका के बाद दूसरे स्थान पर है। ब्राजील में अब तक 850,796 लोग संक्रमित हैं, जबकि 42,791 लोगों की मौत हो चुकी है।

इधर लगातार बढ़ते कोरोना के मामले को रोकने में नाकाम रहने को लेकर ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो (Brazilian President Jair Bolsonaro) की कड़ी आलोचना हो रही है। चूंकि बालसोनारो ने लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों के बावजूद भी करीब दो महीने पूर्व लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देनी शुरू की थी। अब आलम ये है कि ब्राजील में हालात काफी बिगड़ गए हैं।

शनिवार को ब्राजील में सबसे ज्यादा इजाफा दर्ज किया गया है। इस दिन 24 घंटों में कोरोना के 21,704 नए मामलों और 892 लोगों की कोरोना से मौत दर्ज की गई थी। इसके अलावा देश में 388,500 मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैं।