Chinmayanand Rape case: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़ित लॉ की छात्रा अब इस बार परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगी। दरअसल विश्वविद्यालय ने यह कहते हुए उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है कि विश्वविद्यालय में उसकी हाजिरी 75 प्रतिशत से कम है। पीड़िता उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक विश्वविद्यालय की तीसरी वर्ष की छात्रा है। विश्वविद्यालय में परीक्षाएं मंगलवार (26-11-2019) से शुरू हुई हैं।

यहां आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले ही महीने पीड़ित छात्रा का इस विश्वविद्यालय में एडमिशन हुआ था। छात्रा और उसके तीन अन्य साथी चिन्मयानंद को ब्लैकमेल कर 5 करोड़ रुपए मांगने के आरोप में शाहजहांपुर के जेल में बंद हैं। इसी जेल में छात्रा से रेप के आरोपी चिन्मयानंद भी बीते 20 अक्टूबर से कैद हैं।

परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलने के बाद अब पीड़िता के वकील ने विश्वविद्यालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला लिया है। हालांकि विश्वविद्यालय ने बीते सोमवार को छात्रा को Back Paper Examination में शामिल होने के लिए कहा है लेकिन उसे लॉ के थर्ड ईयर की परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली है।

इधर इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय की तरफ से कहा गया है कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने छात्रा को दाखिला देने का आदेश दिया था…लेकिन परीक्षा में बैठने के लिए उसके पास जरुरी 75 प्रतिशत उपस्थिति नहीं है और इस बारे में अदालत ने कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया है।’

आपको बता दें कि छात्रा ने अपना फर्स्ट और सेकेंड ईयर शाहजहांपुर के कॉलेज से पूरा किया था। इस मामले में पीड़िता के भाई ने कहा कि ‘विश्वविद्यालय ने मेरी बहन को अक्टूबर में दाखिला दिया था। मेरी बहन को हॉस्टल में एक कमरा भी दिया गया था…लेकिन उसी वक्त से मेरी बहन न्यायिक हिरासत में है…जिसकी वजह से वो कोई भी क्लास अटेन्ड नहीं कर सकी।’ (और…CRIME NEWS)