कोरोना वायरस को लेकर सांप्रदायिक पोस्ट को शेयर करना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता को भारी पड़ गया है। पुलिस ने भाजपा नेता को गिरफ्तार कर अब जेल भेज दिया है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री देवानंद देवराज पर आरोप है कि उन्होंने फेसबुक पर एक सांप्रदायिक पोस्ट को शेयर किया।

भाजपा नेता के पोस्ट को पढ़ने के बाद दूसरे समुदाय के कई लोगों ने इसपर एतजार जताया। इसके बाद इकबाल सिद्दिकी नाम के एक युवक ने ट्विटर के जरिए प्रशासन के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद जिले के एसपी ने इसकी जांच साइबर सेल से कराई। आरोप सही पाए जाने के बाद कोल्हुई थाने की पुलिस ने बीजेपी के नेता के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। जल्दी ही देवानंद देवराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देवानंद देवराज को जेल भेज गया है। यहां आपको बता दें कि पुलिस-प्रशासन ने आम लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वो कोरोना वायरस या लॉकडाउन को लेकर किसी भी तरह का भ्रम ना फैलाएं।

प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि सोशल मीडिया या सूचना के अन्य तकनीक के जरिए इस वायरस या लॉकडाउन को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि इससे पहले प्रयागराज में पुलिस ने 31 मार्च को ट्विटर पर कोरोना को लेकर झूठी अफवाह फैलान के आरोप में 2 युवकों को पकड़ा था। इन युवकों ने भी अपने पोस्ट में सांप्रदायिक हालात को बिगाड़ने की कोशिश की थी जिसके बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की थी।

इनके अलावा उत्तराखंड से भी कुछ दिनों पहले ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां एक शख्स ने फेसबुक पर अपने पोस्ट में लोगों से कहा था कि वो कोरोना से बचने के लिए लाठियां पीटें और रात भर जगें। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया था।