महाराष्ट्र में Anti-Terrorism Squad ने बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को फर्जी भारतीय पहचान पत्र उपलब्ध करवाने के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस की टीम ने इनके पास से भारत सरकार के नाम से बने फर्जी रबर स्टांप, फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड भी बरामद किया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फर्जी कागजात के जरिए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का पासपोर्ट भी बनाया जाता था। आरोपियों ने अब तक 80 पासपोर्ट ऐसे प्रवासियों को दिये हैं। एटीएस के मुताबिक कलाचौकी यूनिट को खबर मिली थी कि बांग्लादेश का रहने वाला अकरम खान मुंबई में अवैध तरीके से रह रहा है। अकरम खान फर्जी भारतीय आईकार्ड बनाने और दूसरे बांग्लादेशी प्रवासियों तक यह आईकार्ड पहुंचाने में भी शामिल रहा है।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अकरम खान को पिछले महीने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि उसका असली नाम अकरम नूर नबी ओलाउद्दीन शेख है। अकरम मूल रूप से बांग्लादेश के एक जिले नोवाखाली का रहने वाला था। अकरम बिना किसी वैध कागजात के ही भारत में घुसा था।
आगे की जांच में पता चला कि वडाला के रहने वाले नूरनबी और मुंब्रा के रहने वाले रफीक शेख ने अकरम को फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट दिलाने में मदद की थी। इसके बाद पुलिस ने मुंब्रा के रहने वाले मोहम्मद रफीक को गिरफ्तार किया। मोहम्मद रफीक रहमतुल्ला सैयद ने जांच टीम को पूछताछ में बताया कि एक एजेंट साल 2013 से ही धंधे में संलिप्त है। इस एजेंट ने अब तक कई अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को फर्जी भारतीय कागजात उपलब्ध कराए हैं।
एटीएस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजकुमार शिंदे ने सोमवार को बताया कि स्क्रूट्नी के दौरान पता चला कि सैय्यद ने करीब 80 फर्जी भारतीय कागजात अवैध बांग्लदेशी प्रवासियों को उपलब्ध कराए हैं। बताया जा रहा है कि पैन कार्ड, आधार कार्ड, चुनाव कार्ड, राशन कार्ड, इलेक्ट्रिक बिल, रेंट एग्रीमेंट, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक जैसे कागजातों का इस्तेमाल पासपोर्ट बनवाने के लिए किया करता था।
सैय्यद से पूछताछ के बाद एटीएस इदरिश मोहम्मद शेख तक पहुंच गई। 57 साल के इदरिश पर आरोप है कि वो फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट बनवाता था। इसके बाद एटीएस ने इरदिश की मदद करने वाले अविन गंगाराम केदारे को पकड़ा। अविन गंगाराम पर आरोप है कि वो फर्जी रबर स्टांप बनवाने में इदरिश की मदद करता था। फर्जी बैंक पासबुक और अन्य गैर कानूनी काम करने के आोरप में 43 साल के नितिन राजाराम निकम को भी जल्द ही एटीएस ने दबोच लिया।
बाद में एटीएस ने इस गैर कानूनी खेल में शामिल अकरम नूरनबी ओलाउद्दीन खान, मोहम्मद सोहेल अब्दुल सुभान शेख, अब्दुल खैर समशुल्लाक और अब्दुल हसन उर्फ अब्द्लु काशम शेख को भारत में अवैध रूप से घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया।
इन सभी के पास कई फर्जी भारतीय कार्ड बरामद किये गये हैं। पुलिस ने इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा पासपोर्ट एक्ट (भारत में घुसने) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

