खुशी की बात है कि मानव की रक्षा और उसका दुख-दर्द कम करने के लिए दस सितंबर को विश्व आत्महत्या रोक /निवारण दिवस रूप में मनाया जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में हर साल बड़ी तादाद में लोग आत्महत्या करते हैं। इनमें दुर्भाग्य से हजारों भारतीय भी होते हैं जो बड़ी चिंता का विषय है।
सही है कि अभाव, अज्ञान, अन्याय, अवसाद, पारिवारिक बिखराव, कलह, नशाखोरी, भय, असुरक्षा, बलात्कार, क्रोध, बीमारी, अपराध बोध, सहन शक्तिकाअभाव, गरीबी, बेरोजगारी, कर्ज, प्रताड़ना, अपमान, उच्च रक्तचाप, घोर उपेक्षा आदि के कारण आत्महत्याएं ज्यादा हो रही हैं।
इसके अतिरिक्त आर्थिक विषमता और शोषण के चलते भी लोग खुदकुशी कर रहे हैं। इन सब बेहद दुखद आत्महत्याओं को रोकने के लिए विश्व की सभी सरकारों और सामाजिक संगठनों को मानव हित में मिलकर ठोस उपाय खोजने बहुत जरूरी हैं।
’वेद मामूरपुर, नरेला, दिल्ली</p>