माननीय सर्वोच्च अदालत ने हाल ही में दिए अपने एक फैसले में बलात्कार के मामले में अपराधी और पीड़िता के बीच होने वाले किसी भी तरह के समझौते को अमान्य बताया है। एक बहुत अच्छा फैसला है यह। पहला तो यह कि क्या गारंटी इस बात की कि अपराधी जिन वादों पर समझौता कर रहा है वह उसे जीवन भर निभाएगा ही।
दूसरे बलात्कार के मामलों में पीड़िता अक्सर नाबालिग होती हैं और कई बार वे मां भी बन जाती हैं। समझौते को कानूनी मान्यता देने की प्रकारांतर से यही अर्थ निकलता है कि ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिलेगा। माननीय सर्वोच्च अदालत ने देश और समाज के हित में सही फैसला सुनाया है।
इंद्रसिंह धिगान, किंग्जवे कैंप, दिल्ली</strong>
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