संघर्ष विराम के उल्लंघन पर भारतीय फौज की जवाबी कार्रवाई से भौंचक पाकिस्तान एक ओर संयुक्त राष्ट्र से न्याय की गुहार लगा रहा है तो दूसरी ओर बौखलाहट में परमाणु बम का राग भी अलाप रहा है। इस मसले पर पाकिस्तान का हमारे उच्चायुक्त को शिकायत दर्ज करना और भारतीय गोलाबारी से हुई तबाही के क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों का दौरा कराना उसकी बदली मानसिक हालात को बयान करता है।
अरसे बाद ऊंट मुसीबतों के पहाड़ के नीचे आया है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की जिस टीम को उसने अपना पाखंड भरा दुखड़ा सुनाया उसका कमतर महत्त्व इसी से समझा सकता है कि उसके भारतीय कार्यालय को मोदी सरकार ने आते ही समेटने के आदेश दिए थे। शांति के लिए प्रतिबद्ध भारत के साथ ढीठ पाक अपनी पुरानी पैंतरेबाजी जारी रखता है तो नए परिदृश्य में इस्लामाबाद की सर्द तरीन हवाओं में उसके पसीने छूटना भी तय है।
कुलदीप घोड़ावत (मप्र)
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