एक रैंक एक पेंशन की मांग कई सालों से की जा रही है। 2008 में सेवानिवृत्त सैनिकों ने इंडियन एक्स सर्विसमैन मूवमेंट (आइएसएम) नाम से संगठन बनाकर इसके लिए संघर्ष शुरू किया था। यह मांग पूरी करने का वादा नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2013 की चुनावी रैली में भी किया था। जुलाई 2014 में राजग सरकार ने अपने पहले बजट में इस योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए रखे थे। दूसरे बजट में भी वित्तमंत्री अरुण जेटली ने रक्षा पेंशन का बजट 51000 करोड़ से बढ़ाकर 54500 करोड़ रुपए भी कर दिया था।

लेकिन इसके बावजूद यह योजना अभी तक फाइलों में ही है। हालांकि इसे लागू करना इतना आसान नहीं है जितना कि लगता है। यदि लागू भी कर दिया जाता है तो एक तबका मोदी सरकार से खुश हो जाएगा मगर केंद्र के बाकी अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे नौकरशाह नाराज हो सकते हैं। संभव है कि वे भी इसी तरह की कोई योजना लागू करने की मांग करने लगें।
प्रियंक द्विवेदी, भोपाल</strong>

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