वैश्विक भुखमरी सूचकांक के अनुसार उभरती हुई 76 अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान 55 वां है। रिपोर्ट के अनुसार हिंदुस्तान में 19.5 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं जो दुनिया की कुल भूखी आबादी का लगभग एक चौथाई है। विशेषकर देश के बीमारू (बिहार, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश) कहे जाने वाले राज्य इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
देश में अनाज की बरबादी का आलम यह है कि 2010-11 और 2014-15 के बीच भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में 56,374 टन अनाज बरबाद हो गया जबकि इतने अनाज की जरूरत तीन लाख भारतीयों को एक वर्ष में होती है। वैश्विक भुखमरी सूचकांक के अनुसार 2028 तक भारत की अनुमानित आबादी 145 अरब होगी। अगर भंडारण के स्तर में सुधार और भोजन की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो देश को कुपोषण का केंद्र बनते देर नहीं लगेगी जो मुल्क के गहराते संकट को दशार्ता है।
(प्रेम कुमार, कानपुर)
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