प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा के अवसर पर दो बस सेवाएं शुरू हुर्इं। एक, अगरतला-ढाका-कोलकाता, और दूसरी, गुवाहाटी-शिलांग-ढाका। जुलाई 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बांग्लादेश यात्रा के दौरान ढाका और कोलकाता के बीच पहली सीधी बस सेवा आरंभ हुई थी। यूपीए सरकार के समय, 2008 में ढाका और कोलकाता के बीच ‘मैत्री’ पैसेंजर ट्रेन शुरू हुई। दो नई बस सेवाएं इसी सिलसिले की ताजा कड़ी हैं।

मोदी की इस यात्रा से संपर्क और आवाजाही के नए रास्ते खुले हैं, कई और के खुलने की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन बर्लिन की दीवार गिरने से इसकी तुलना करना और फिर शांति के नोबेल पुरस्कार की बात ले आना ऐसा कथन है जिसे अति उत्साह में दिखने वाली मुखरता ही कहा जाएगा।
अनिल धीमान, नंदनगरी, दिल्ली</strong>

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