इन दिनों अक्सर देखा गया है कि क्रिकेट मैच खेल के रूप में और खेल भावना के साथ नहीं खेले जा रहे। स्टेडियम में दर्शकों और मैदान पर खिलाड़यों की अवांछित हरकतें आम होती जा रही हैं। अलग-अलग देशों के क्रिकेट खिलाड़ियों की दिखावे और ईर्ष्या की प्रवृत्ति से भी सब वाकिफ हैं। कभी-कभार तो मैच के बीच में ही दो खिलाड़ियों की तकरार हो जाती है।
यदि मैच भारत और पाकिस्तान के बीच हो तो लगता है कि दो देशों के बीच युद्ध होने जा रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि ग्लैमर और पैसे का खेल बन चुके क्रिकेट को देश, दर्शक और क्रिकेटर अपने सम्मान से जोड़कर देखने लगे हैं। उनकी नजरों में हार यानी बेइज्जती। जबकि क्रिकेट को खेल के रूप में देखना चाहिए।
खेमकरण ‘सोमन’, कुमाऊं विवि, नैनीताल
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