पंजाब और बंगाल को विभाजित करने वाला माउंटबेटन फार्मूला स्वीकार कर कांग्रेस ने सबसे बड़ी भूल की। इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था। पंजाब और बंगाल का अर्थ विशाल इंडो/ गंगेटिक प्लेन है और उसका यह कृत्रिम विभाजन पूरे भारत के लिए स्थायी समस्या बन गया है। इस कृत्रिम विभाजन को किसी भी हाल में खत्म करना होगा। आज नहीं तो कल यह खत्म होगा ही। कोरिया की तर्ज पर हमें भी ‘पुनरेकीकरण मंत्रालय’ बनाना चाहिए।

माउंटबेटन एक ऐसी बीमारी दे गए हैं, जो सालोंसाल हमें सालती रहेगी और चैन से सोने नहीं देगी। इस नकली विभाजन को खत्म करना बहुत जरूरी है। पंजाबी और पंजाबी और बंगाली और बंगाली धर्म के आधार पर जुदा नहीं किए जा सकते। लेकिन यह हुआ। यही सबसे बड़ी त्रासदी है।
सीताराम देहाती, भोपाल</strong>

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