एक कहावत है ‘सब्र का फल मीठा होता है’, इस कहावत को IIT कानपुर के ग्रेजुएट अंकुश सचदेवा ने सच कर दिखाया है। अंकुश ने 17 स्टार्टअप शुरू किए, लेकिन उन्हें एक के बाद एक फेल होते देखा। हां, यह सही है। IIT कानपुर से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट अंकुश ने 17 बार ऐप और स्टार्टअप लॉन्च किए, लेकिन उनमें से कोई भी उन्हें कभी सफल नहीं कर पाया। हालांकि, 2022 में उनकी कंपनी 40,000 करोड़ के वैल्यूएशन तक पहुंच गई।
कौन हैं अंकुश सचदेवा?
जनसत्ता की सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, अंकुश की कहानी बॉलीवुड फिल्मों में दिखने वाली आम IIT कहानी नहीं है। इसके उलट, यह हार न मानने के बारे में है। अंकुश सचदेवा मशहूर IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट हैं। ज़्यादातर स्टूडेंट वहां से सीधे एक शानदार कॉर्पोरेट ऑफिस में चले जाते हैं। इसके बजाय, वह लगातार 17 फेलियर के चक्कर में पड़ गए।
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वर्षो तक, ई-कॉमर्स से लेकर यूटिलिटीज तक, जिस भी आइडिया में उन्होंने अपना दिल लगाया, वह क्रैश हो गया। बाहर वालों को, यह एक जिद्दी आदमी जैसा लगा जो “असली नौकरी” पाने से मना कर रहा है। लेकिन अंकुश के लिए, हर फेलियर एक जरूरी डेटा पॉइंट था। वह हार नहीं रहा था; वह सीख रहा था। वह उन चीजों को हटा रहा था जो काम नहीं कर रही थीं, एक ऐसी बड़ी प्रॉब्लम के करीब पहुंच रहा था, जिसे ज्यादातर टेक दुनिया ने नज़रअंदाज कर दिया था।
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किस चीज ने दिलाई आखिरकार अंकुश को सफलता?
2015 में, उसने अपने IIT कानपुर के दोस्तों, फरीद अहसान और भानु सिंह के साथ टीम बनाई और उन्होंने देखा कि छोटे शहरों और गांवों में इंटरनेट ज़्यादा आसानी से मिल रहा था, लेकिन उनकी लोकल भाषा में कोई ऐप नहीं था। मेनस्ट्रीम प्लेटफॉर्म अपीलिंग नहीं लग रहे थे। यहां तक कि उनका कंटेंट भी लोगों को पसंद नहीं आया। यह उनका यूरेका मोमेंट था।
उन्होंने ShareChat बनाया। यह हिंदी से शुरू हुआ, जो मलयालम, गुजराती, बंगाली, पंजाबी और 15 भारतीय भाषाओं में फैल गया। यह सिर्फ एक इंग्लिश ऐप का ट्रांसलेशन नहीं था, बल्कि यह एक नया ऐप था जिसमें ह्यूमर, लोकल न्यूज़ और नॉन-मेट्रो इंडिया की रोजमर्रा की सच्चाई थी।
क्या सफल रहा ShareChat?
जनसत्ता की सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, ऐप की वैल्यूएशन 2022 तक 40,000 करोड़ रुपये (लगभग $5 बिलियन) तक पहुंच गई। यह उन लाखों लोगों के लिए डिजिटल नुक्कड़ बन गया जो ग्लोबल इंटरनेट से गायब थे। 2021 तक, इसके 160 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूज़र थे। ShareChat का मेन ऑफिस भारत के बेंगलुरु (बैंगलोर) में है, खासकर वैष्णवी टेक पार्क में; इसका मालिक मोहल्ला टेक है, जिसकी भारत, USA और यूरोप में ग्लोबल मौजूदगी है।
