रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने आज सुबह 10 बजे अपने बड़े फैसलों का ऐलान कर दिया। 3 दिसंबर को शुरू हुई एमपीसी मीटिंग का आज (5 दिसंबर 2025) आखिरी दिन था। आरबीआई एमपीसी का फैसला सुनाते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐलान किया कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइन्ट (0.25 प्रतिशत) की कटौती की गई है। इसका मतलब है कि अब नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत हो गई है।
आपको बता दें कि अक्टूबर 2025 में मुद्रास्फीति इस सीरीज़ के सबसे निचले स्तर पर आ गई और दूसरी तिमाही (Q2) की GDP ग्रोथ 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर यानी 8% से ऊपर पहुंच गई जो अनुमान से कहीं अधिक है। विश्लेषकों का कहना है कि MPC के सामने ‘कठिन चुनौती’ है क्योंकि उसे यह तय करना है कि प्राथमिकता विकास को दी जाए या मुद्रास्फीति को। बाजार की अपेक्षाएं भी बंटी हुई हैं। जनसत्ता के सहयोगी Financial Express द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, 15 में से 8 अर्थशास्त्री किसी भी दर कटौती की उम्मीद नहीं कर रहे जबकि सात अर्थशास्त्री 25 बेसिस प्वाइंट (bps) की कटौती की संभावना जताई थी। एमपीसी मीटिंग के फैसले की हर अपडेट यहां पढ़ें लाइव…
आरबीआई लोकपाल के पास लंबित शिकायतों के समाधान के लिए अभियान शुरू करेगा
भारतीय रिजर्व बैंक लोकपाल के पास एक महीने से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों के समाधान के लिए जनवरी से दो महीने का अभियान शुरू करेगा। आरबीआई लोकपाल के पास बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त होने के परिणामस्वरूप लंबित मामलों की संख्या में वृद्धि के साथ यह कदम उठाया गया है। आरबीआई लोकपाल योजना बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों समेत केंद्रीय बैंक के दायरे में आने वाले वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं में कमी से संबंधित ग्राहक शिकायतों का बिना किसी लागत के समाधान करने में मदद करती है। समस्याओं का समाधान ग्राहकों की संतुष्टि के अनुसार नहीं किया जाता है या बैंक 30 दिनों की अवधि के भीतर जवाब नहीं देता है तो लोकपाल में उसकी शिकायत की जा सकती है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीस) की तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘ हम ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमने इस संबंध में कई कदम उठाए हैं। फिर से केवाईसी, वित्तीय समावेश और ‘आपकी जानकारी, आपका अधिकार’ अभियान अन्य हितधारकों के सहयोग से की गई कुछ पहलों में से हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष की शुरुआत में, हमने अपने नागरिक ‘चार्टर’ की भी समीक्षा की थी। हम हर महीने की पहली तारीख को अपने मासिक निपटान और विभिन्न आवेदनों के लंबित रहने के बारे में जानकारी प्रकाशित कर रहे हैं।’’ मल्होत्रा ने कहा, ‘‘मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि 99.8 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निपटारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कर दिया गया है।’’ गवर्नर ने कहा, ‘‘ मैं सभी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आरबीआई के दायरे में आने वाली वित्तीय संस्थानों से आग्रह करता हूं कि वे अपनी नीतियों तथा कार्यों में ग्राहकों को केंद्र में रखें। ग्राहक सेवा में सुधार करें और शिकायतों को कम करें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इसके अलावा हम अगले महीने जनवरी से दो माह का अभियान चलाने का प्रस्ताव रखते हैं। इसका मकसद आरबीआई लोकपाल के पास एक महीने से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का समाधान करना है। – भाषा
नेशनल डायरेक्टर एवं प्रमुख, अनुसंधान, कोलियर्स इंडिया के विमल नादर ने कहा, “ RBI ने रेपो दर को 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.25% कर दिया है, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। बेंचमार्क लेंडिंग रेट में यह कमी और न्यूट्रल रुख जारी रखना, वैश्विक अनिश्चितताओं और कमजोर होते रुपये के बावजूद भारत की आर्थिक मजबूती पर विश्वास को दर्शाता है। FY 2025–26 के लिए GDP वृद्धि अनुमान को 6.8% से बढ़ाकर 7.3% किया गया है, जो मजबूत घरेलू मांग और निजी उपभोग से समर्थित है। वहीं, चालू वित्त वर्ष में उपभोक्ता मुद्रास्फीति के 2% पर स्थिर रहने की उम्मीद है।
रियल एस्टेट क्षेत्र में, विशेष रूप से आवासीय सेगमेंट में, यह दर कटौती हालिया त्योहार सीजन और प्रमुख निर्माण सामग्रियों पर GST तर्कसंगतीकरण से उत्पन्न गति को आगे बढ़ाती है। कम उधार लागत से वहन क्षमता और खरीदारों की भावना में और सुधार होगा, खासकर किफायती एवं मध्यम-आय आवास वर्गों में। साथ ही औसत आय स्तर में लगातार वृद्धि अगले कुछ तिमाहियों में प्रॉपर्टी पूछताछ और आवास बिक्री को बढ़ावा दे सकती है।”
देशी मुद्रा बाजार में किसी भी असामान्य अस्थिरता को कम करने का लक्ष्य
हमारा प्रयास हमेशा विदेशी मुद्रा बाजार में किसी भी असामान्य अस्थिरता को कम करने का रहा है: आरबीआई गवर्नर
रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइन्ट की कटौती
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने आज सुबह 10 बजे अपने बड़े फैसलों का ऐलान कर दिया। 3 दिसंबर को शुरू हुई एमपीसी मीटिंग का आज (5 दिसंबर 2025) आखिरी दिन था। आरबीआई एमपीसी का फैसला सुनाते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐलान किया कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइन्ट (0.25 प्रतिशत) की कटौती की गई है। इसका मतलब है कि अब नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत हो गई है।
लोहिया वर्ल्डस्पेस के निदेशक, पीयूष लोहिया ने आरबीआई रेपो रेट कटौती पर कहा, ”आरबीआई द्वारा रेपो दर को घटाकर 5.25% करने का निर्णय बाजार की स्थिरता को मजबूत करता है और विकास एवं मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण का संकेत देता है। यह स्पष्टता डेवलपर्स और घर खरीदारों, दोनों के लिए फायदेमंद है, जिससे निर्णय लेने के लिए एक पूर्वानुमानित वातावरण मिलता है। जीडीपी वृद्धि दर का 7.3% तक ऊपर की ओर संशोधित होना टियर-2 बाजारों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक है, जहाँ बढ़ती आकांक्षाएँ किफायती, गुणवत्तापूर्ण आवास की आवश्यकता को पूरा करती हैं। इन शहरों में कम उधारी लागत पहली बार घर खरीदने वालों के लिए अवसर पैदा करती है और डेवलपर्स को अल्पकालिक चक्रों के बजाय दीर्घकालिक, टिकाऊ परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने का आत्मविश्वास देती है।”
रेपो दर में बदलाव का होगा पॉजिटिव असर
आरबीआई गवर्नर ने उम्मीद जतायी कि रेपो दर में बदलाव का विभिन्न दीर्घकालिक दरों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई बैंकों में पर्याप्त टिकाऊ नकदी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आरबीआई गवर्नर ने बैंक, एनबीएफसी से ग्राहकों को अपनी नीति एवं संचालन के केंद्र में रखने को कहा। उन्होंने कहा, ‘स्थिरता सुनिश्चित करते हुए अर्थव्यवस्था की उत्पादक आवश्यकताओं को सक्रिय तरीके से पूरा करना जारी रखेंगे। आरबीआई नकदी प्रबंधन के लिए एक लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड की खरीद-बिक्री करेगा।’
RBI MPC 2025 LIVE: आरबीआई बैंकों में पर्याप्त टिकाऊ नकदी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध
आरबीआई गवर्नर ने बैंक, एनबीएफसी से ग्राहकों को अपनी नीति एवं संचालन के केंद्र में रखने को कहा। आरबीआई बैंकों में पर्याप्त टिकाऊ नकदी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
रेपो रेट में अब तक साल 2025 में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती
इस तरह वर्ष 2025 में रेपो दर में अब तक कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है। इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने इस साल फरवरी से जून तक रेपो दर में कुल एक प्रतिशत की कटौती की थी। वहीं अगस्त और अक्टूबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया था।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 686 अरब डॉलर पर: आरबीआई गवर्नर
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 686 अरब डॉलर पर है और 11 महीने के आयात के लिए पर्याप्त है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में चालू खाते का घाटा नरम रहेगा। आरबीआई गवर्नर ने उम्मीद जतायी कि रेपो दर में बदलाव का विभिन्न दीर्घकालिक दरों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
RBI ने मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को 2.6 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत किया
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को 2.6 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत किया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, ‘विनिर्माण गतिविधियों में सुधार जारी, सेवाओं में स्थिर वृद्धि देखी जा रही है। दर-निर्धारण समिति ने मौद्रिक नीति के ‘तटस्थ’ रुख को जारी रखने का फैसला किया। मुख्य एवं कुल मुद्रास्फीति दोनों पर संतुलन आर्थिक वृद्धि के लिए नीतिगत गुंजाइश प्रदान करता रहेगा।’
RBI MPC 2025 LIVE: महंगाई का अनुमान
वित्त वर्ष 2026 (FY26) की कुल महंगाई का अनुमान: 2%
पहली तिमाही (Q3) FY26: 0.6%
चौथी तिमाही (Q4 FY26): 2.9%
पहली तिमाही (Q1 FY27): 3.9%
दूसरी तिमाही (Q2 FY27): 4%
जारी रहेगा मौद्रिक नीति का ‘तटस्थ’ रुख
दर-निर्धारण समिति ने मौद्रिक नीति के ‘तटस्थ’ रुख को जारी रखने का फैसला किया: आरबीआई गवर्नर।
GDP की आठ प्रतिशत वृद्धि दर पर क्या बोले आरबीआई गवर्नर
कम मुद्रास्फीति, पहली छमाही में जीडीपी की आठ की प्रतिशत वृद्धि दर ‘बेहद संतुलित दौर का प्रतिबिंब’ : गवर्नर मल्होत्रा।
रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत किया।
वित्तीय वर्ष (FY26) GDP ग्रोथ: 7.3%
तीसरी तिमाही: 7%
चौथी तिमाही: 6.5%
2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27 का अनुमान): 6.4%
RBI MPC 2025 LIVE: कृषि में बेहतर संभावनाएं
कृषि में बेहतर संभावनाएं, जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने के कदम, कंपनियों के बेहतर बही-खाते जैसे कारक आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देते रहेंगे: आरबीआई गवर्नर।
RBI MPC 2025 LIVE: आर्थिक गतिविधियों में तेजी के संकेत
महत्वपूर्ण आंकड़े चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में तेजी के दे रहे हैं संकेत: गवर्नर मल्होत्रा।
नीतिगत ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश क्यों?
मजबूत वृद्धि और मुद्रास्फीति में नरमी से नीतिगत ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश बनी है: आरबीआई गवर्नर।
तीन दिन तक चले विचार-विमर्श के बाद, गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइन्ट की कटौती की गई है। यानी अब रेपो दर 5.25 प्रतिशत हो गई है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा।
रेपो रेट क्या है?
रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। रेपो दर के यथावत रहने से आवास, वाहन समेत अन्य खुदरा कर्ज पर ब्याज में बदलाव होने की संभावना नहीं है।
RBI MPC Meeting LIVE: आरबीआई गवर्नर का भाषण शुरू
MPC की तीन दिन तक चली बैठक आज समाप्त हो गई। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपना भाषण शुरू कर दिया है और प्रमुख ब्याज दर पर आरबीआई एमपीसी द्वारा लिए गए बहुप्रतीक्षित फैसले की घोषणा करेंगे। सभी की निगाहें रेपो रेट, मुद्रास्फीति पूर्वानुमान, जीडीपी वृद्धि अनुमान समेत अन्य आर्थिक संकेतकों पर हैं।
RBI MPC 2025 LIVE: आरबीआई MPC के फैसले से पहले रुपये की हालत में सुधार
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में RBI की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले रुपया 9 पैसे मजबूत होकर 89.80 प्रति डॉलर पर पहुंचा। रुपये ने इस हफ्ते की शुरुआत में 90 का स्तर पार करते हुए अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया था। विश्लेषकों का कहना है कि गिरावट की एक वजह RBI द्वारा हस्तक्षेप में कमी भी है।
LKP सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी ने कहा, “बाज़ार यह स्पष्टता चाहता है कि क्या केंद्रीय बैंक मुद्रा को स्थिर करने के लिए हस्तक्षेप करेगा या नहीं।”
अगस्त में हुई MPC में नहीं हुई थी रेपो रेट में कटौती
आपको बता दें कि RBI ने अगस्त 2025 में रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की थी। अक्टूबर में भी RBI ने अपने रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की है और रेपो रेट में 5.50 प्रतिशत पर स्थिर रखा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि क्या RBI दिसंबर 2025 में रेपो रेट में बदलाव करता है या नहीं।
आरबीआई कर सकता है रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइन्ट की कटौती
यानी अगर आज आरबीआई रेपो रेट में उम्मीद के मुताबिक, 0.25 प्रतिशत (25 बेसिस पॉइन्ट) की कटौती करता है तो रेपो रेट 5.25 प्रतिशत रह जाएगी। रेपो रेट में कटौती का मतलब है आपकी लोन EMI पर फर्क पड़ेगा और महंगाई से राहत मिलेगी।
इस साल रेपो रेट में अब तक 3 बार हो चुकी है कटौती
RBI अब तक इस साल रेपो रेट में 3 बार कटौती की है। केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2025 में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी, जिसके बाद रेपो रेट 6.50% से 6.25% हो गई थी। अप्रैल 2025 में रेपो रेट में दोबारा 0.25% की कटौती की गई, जिसके बाद रेपो रेट 6.25% से 6% हो गई थी। वहीं, जून 2025 में RBI ने रेपो रेट में 0.50% की कटौती की थी, जिसके बाद रेपो रेट 6% से 5.50% हो गई थी।
RBI MPC 2025 LIVE: रेपो दर में 25 बेसिस पॉइन्ट की कटौती की उम्मीद
हमारी सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, विश्लेषकों को ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश दिख रही है । क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा, “हमें दिसंबर में रेपो दर में 25 आधार अंकों (बेसिस पॉइन्ट) की कटौती की उम्मीद है। हालांकि विकास दर मजबूत बनी हुई है, अक्टूबर में खुदरा महंगाई में उल्लेखनीय गिरावट ने इस समायोजन की अतिरिक्त गुंजाइश पैदा कर दी है।”
शेयर मार्केट में आज धीमी शुरुआत
शेयर बाजार आज में आज सपाट शुरुआत, आरबीआई MPC के फैसले से पहले सेंसेक्स-निफ्टी में सुस्ती, पढ़ें पूरी खबर
RBI MPC 2025 LIVE: रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
विश्लेषक, निवेशक और बाजार एमपीसी के फैसले का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे है क्योंकि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब इस हफ्ते भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर 90 का स्तर पार कर गया।
खास बात है कि GDP 8.2% बढ़ी है जो पिछली छह तिमाहियों में सबसे तेज़ वृद्धि है। वहीं अक्टूबर में मुद्रास्फीति घटकर 0.25%, यानी रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई।
RBI MPC 2025 LIVE: इस वित्त वर्ष की पांचवी मौद्रिक नीति समिति
इस वित्त वर्ष की पांचवीं मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक है। यह बैठक 3 दिसंबर को शुरू हुई थी और आज 5 दिसंबर को खत्म होगी। नीति संबंधी फैसला सुबह 10:00 बजे RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा घोषित किया जाएगा। घोषणा में रेपो रेट, GDP ग्रोथ का अनुमान और मुद्रास्फीति जैसी चीजें शामिल होंगी।
नमस्ते! हम, Jansatta.com पर गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा आज सुबह 10:00 बजे घोषित किए जाने वाले आरबीआई एमपीसी फैसले पर आपको सिलसिलेवार अपडेट देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। केंद्रीय बैंक द्वारा की जाने वाली सभी अपडेट, प्रमुख अपेक्षाओं और बाजार की प्रतिक्रियाओं के लिए बने रहें।
