कुमार मंगलम बिडला के वोडाफोन आईडिया के चेयरमैनशिप पद से इस्तीफा देने और कंपनी से अपनी हिस्सेदारी खत्म करने के फैसले के बाद कंपनी के शेयरों में आज 25 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। वैसे बाद में इसमें रिकवरी भी देखने को मिली। एक खास बात यह है कि कंपनी का शेयर 52 हफ्तों के लो पर आ गया। यानी कंपनी 52 हफ्तों और लो दोनों इसी साल बने हैं। यानी 7 महीनों में कंपनी का शेयर 67 फीसदी डाउन हो चुका है।
बाजार आंकडों के अनुसार वोडाफोन आईडिया के शेयरों में निवेश करने वाले लोगों को 7 महीने में एक लाख रुपए के निवेश पर 67 हजार रुपए का नुकसान हो चुका है। आपको बता दें कि दोनों कंपनियों का मर्जर हुआ था। उसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि देश में जियो और एयरटेल को टक्कर देने के लिए वोडाफोन आईडिया मजबूत होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।
इस 67 फीसदी तक गिरा कंपनी का शेयर : बांबे स्टॉक एक्सचेंज के आंकडों के अनुसार कंपनी 15 जनवरी को कंपनी का शेयर 13.80 रुपए पर था, जो आज 4.55 रुपए के साथ 52 हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया। इन करीब 7 महीनों में कंपनी का शेयर 67 फीसदी तक नीचे गिर गया। इसके और नीचे आने का अनुमान लगाया जा रहा है। जानकारों की मानें तो कंपनी के शेयरों के इतने नीचे आने का अनुमान नहीं लगाया गया था। इससे कंपनी के शेयरों में लगाए रुपयों पर निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।
एक लाख रुपए पर 67 हजार रुपए का नुकसान : अगर बात निवेशकों के नुकसान की करें तो एक लाख रुपए पर निवेशकों को 67 हजार रुपए का नुकसान हो चुका है। अगर किसी निवेशक के पास वोडाफोन आईडिया के शेयर होंगे और 15 जनवरी को उनकी वैल्यू 1 लाख रुपए होगी तो आज उसकी वैल्यू 4.55 रुपए के हिसाब से उनकी वैल्यू 33 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होगी।
आज ही 25 फीसदी तक गिर गए थे दाम : अगर बात आज की करें तो कंपनी के शेयरों की कीमत में आज 25 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल चुकी थी। बुधवार को कंपनी का शेयर 6.03 रुपए पर बंद हुआ था। जबकि आज कंपनी का शेयर 4.55 फीसदी तक नीचे गया। यानी 25 फीसदी तक कंपनी का शेयर नीचे गिर गया था। जबकि उसके बाद कंपनी के शेयरों में रिकवरी आई और 5.94 रुपए पर बंद हुआ।

