Open a bank account through Video Call KYC : अब एसबीआई या रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के तहत आने वाले किसी भी बैंक में खाता खुलवाना आसान है। लोग खुद के नाम, अपने बच्चों या परिजनों के नाम बैंक खाता घर बैठे खोल सकते हैं। इसी सोमवार को आरबीआई ने अपने एक्स प्लेटफार्म पर किए एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है कि वीडियो केवाईसी (Video KYC) के माध्यम से लोग कहीं से भी, कभी भी नया बैंक खाता खोल सकते हैं या अपनी KYC अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ कुछ जरूरी दस्तावेजों की जानकारी साझा करनी होगी। आइए समझतें हैं पूरे प्रासेस के बारे में
RBI के मुताबिक, वीडियो केवाईसी पूरी तरह सुरक्षित और मान्य प्रक्रिया है। इसमें बैंक का अधिकृत अधिकारी वीडियो कॉल के जरिए ग्राहक से बात करता है और पहचान का सत्यापन करता है।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में RBI ने साफ किया है कि बैंक के अधिकृत अधिकारी से लाइव वीडियो कॉल पर बात करके खाता खोला जा सकता है। वीडियो KYC के जरिए ग्राहक की पहचान की तुरंत जांच होती है। इसके लिए CKYC नंबर, आधार, डिजिलॉकर में मौजूद पहचान दस्तावेज़ और पैन कार्ड की जरूरत होती है। यह सुविधा बैंक के तय समय के अनुसार उपलब्ध रहती है।
CKYC क्या है और क्यों जरूरी है?
कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर यह CKYC क्या होता है। CKYC यानी सेंट्रल केवाईसी, एक ऐसा केंद्रीय डाटाबेस है, जहां बैंक, बीमा कंपनी और एनबीएफसी जैसी संस्थाएं ग्राहकों की KYC जानकारी एक ही जगह सुरक्षित रखती हैं। जब कोई व्यक्ति पहली बार KYC पूरी करता है, तो उसे एक 14 अंकों का यूनिक नंबर मिलता है, जिसे CKYC या KIN नंबर कहा जाता है। CKYC का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार KYC हो जाने के बाद हर नए बैंक, बीमा या निवेश के लिए दोबारा दस्तावेज़ देने की जरूरत नहीं पड़ती। बस अपना KIN नंबर बताइए, और नया अकाउंट या फाइनेंशियल सेवा आसानी से मिल जाती है – बशर्ते आपकी जानकारी में कोई बदलाव न हुआ हो।
कौन-कौन सी संस्थाएं CKYC करती हैं? RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA के नियंत्रण में आने वाली सभी संस्थाएं CKYC के दायरे में आती हैं। जैसे – बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां, डीमैट अकाउंट, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड और पेंशन सेवाएं।
CKYC कैसे पूरी होती है?
जब कोई ग्राहक किसी बैंक या फाइनेंशियल संस्था से सेवा लेता है, तो वही संस्था उसकी KYC जानकारी CERSAI में दर्ज कर देती है। इसके लिए आमतौर पर ये दस्तावेज़ मांगे जाते हैं –
KYC पूरी होते ही ग्राहक को KIN नंबर मिल जाता है, जिसकी सूचना SMS या ईमेल के जरिए दी जाती है।
- पैन कार्ड
- पहचान और पते का प्रमाण (आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी आदि)
- एक पासपोर्ट साइज फोटो
