पिछले वर्ष सेफ्टी में चूक और कई डीजीसीएस स्ट्राइक को लेकर लगातार जांच के बीच जल्द ही एयर इंडिया को नया चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) मिल सकता है। खबर है कि कथिक तौर पर टाटा ग्रुप की कंपनी ने UK और US में मौजूद दो बड़ी कैरियर कंपनियों के चीफ एग्जीक्यूटिव से बात की है। कई सोर्स पर आधारित रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कम बजट वाली कैरियर एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी लीडरशिप में बदलाव होने वाला है। अभी CEO कैंपबेल विल्सन का टर्म ऑफिशियली 2027 के बीच में खत्म होगा।

जनसत्ता की सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, घाटे में चल रही एयरलाइन को प्राइवेटाइज़ करके 2022 में टाटा ग्रुप को बेच दिया गया ताकि उसकी किस्मत फिर से संभल सके। ग्रुप ने आने वाले वर्षों में फ्लीट को मॉडर्न बनाने और रूट्स को बढ़ाने के लिए भारी इन्वेस्ट किया है। लेकिन एयरक्राफ्ट डिलीवरी और रिफर्बिशमेंट में देरी के साथ-साथ ऑपरेशनल दिक्कतों और सेफ्टी की चिंताओं की वजह से टर्नअराउंड में मुश्किलें आ रही हैं।

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मीटिंग्स लीड कर रहे हैं एन चंद्रशेखरन

ET की एक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन पहले ही दो संभावित कैंडिडेट्स के साथ बातचीत लीड कर चुके हैं। पब्लिकेशन ने कहा कि वे UK और US की दो बड़ी इंटरनेशनल कैरियर्स के चीफ एग्जीक्यूटिव्स थे। सूत्रों ने बताया कि चंद्रशेखरन काम की रफ्तार और जमीन पर सुधार को लेकर बेसब्र हो गए हैं।

सिंगापुर एयरलाइंस में 26 वर्ष के करियर के बाद विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला। न्यूज़ीलैंड में जन्मे इस एग्जीक्यूटिव का कार्यकाल ऑफिशियली 2027 के बीच में खत्म होगा। एयरलाइन को ग्लोबल कॉम्पिटिटर बनाने के उनके पांच साल के ट्रांसफॉर्मेशन प्लान में लंबे सप्लाई चेन संकट के बीच कई रुकावटें आईं। बार-बार रेगुलेटरी अपराध और 2025 में हुए जानलेवा प्लेन क्रैश ने भी उनके रिपोर्ट कार्ड पर असर डाला।

क्रैश के बाद सीनियर सरकारी अधिकारियों ने भी विल्सन को नज़रअंदाज़ कर दिया था ताकि सीधे टाटा ग्रुप के टॉप लीडरशिप से बात कर सकें। कहा जाता है कि यह उनके हेड के तौर पर काम करने की काबिलियत तय करने में एक फैक्टर था।

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एयर इंडिया प्लेन क्रैश की जांच जारी

जनसत्ता की सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने रविवार को कहा कि अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश मामले की जांच अभी भी चल रही है।

एविएशन मिनिस्टर ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, ‘जांच अपनी रफ्तार से बहुत अच्छी तरह से और बहुत प्रोफेशनल तरीके से हो रही है।’

हाल ही में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने भी एयर इंडिया के एक पायलट को फ्लाइट AI-358 और AI-357 में एयरक्राफ्ट डिस्पैच, मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट कंप्लायंस और फ्लाइट क्रू डिसीजन-मेकिंग से जुड़ी सेफ्टी चिंताओं के बीच कारण बताओ नोटिस जारी किया।

जनवरी के पहले हफ्ते में एयर इंडिया के एक पायलट को शराब के नशे में प्लेन से उतार दिया गया था। वैंकूवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैनेडियन पुलिस द्वारा किए गए दो ब्रेथलाइजर टेस्ट से पता चला कि पायलट ड्यूटी के लिए अनफिट था। कैनेडियन ट्रांसपोर्ट रेगुलेटर ने एयर इंडिया से इस घटना की जांच करने को कहा है।