भारतीय रेलवे अपने यात्रियों की संख्या बढ़ाने और उन्हें कन्फर्म सीट देने के लिए नई ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है। दरअसल, ऐसे रूट जिन पर एक महीने से 22 दिन तक की वेटिंग रहती है, उन रूट्स पर सर्वे कराया जाएगा उसके बाद एक लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके अलावा रेलवे ने ऐसी ट्रेनों की एक लिस्ट तैयार कर ली है जिनमें इमरजेंसी में भी कन्फर्म टिकट नहीं मिलता है। अब रेलवे ऐसे ही रूट्स और ट्रेनों की जानकारी निकालकर रिपोर्ट के आधार पर नई ट्रेन चालाने का फैसला करेगा। इसके अलावा कुछ ट्रेनों का रूट बढ़ाया भी जाएगा। पुरी और इंदौर के बीच एक वीकली हमसफर एक्सप्रेस चलती है। यह ट्रेन गोंदिया में नहीं रुकती है। अब इस ट्रेन का विस्तार भोपाल और इंदौर के बीच भी किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों की मानें तो इस ट्रेन में स्लीपर में 75 से ज्यादा और एसी में 3-30 सीट तक की वेटिंग होती है। इसके अलावा पुणे-सातरागाछी, सिंकदराबाद और हैदराबाद रूट पर भी ऐसी ही स्थिति बनी रहती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन की प्लानिंग है के कुछ जगह तो त्योहारी सीजन में रोजाना चलने वाली ट्रेन चलाई जाएं। इसके अलावा दिल्ली, पटना, मुंबई और हावड़ा जैसे रूट्स के लिए क्लोन ट्रेन चला दी जाएं।

रेलवे के मुताबिक पिछले 2-3 साल से कुछ रूट्स पर नई ट्रेन चलाने की मांग की जा रही है। अब ज्यादा दवाब देखते हुए नई ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ने सर्वे का काम शुरू करा दिया है। सर्वे की शुरूआत में अभी भोपाल-दुर्ग रूट पर नई ट्रेन चलाने की जरूरत सामने आई है। नई ट्रेन को अमरकंटक एक्सप्रेस की तरह चलाया जाएगा। नई ट्रेन चलने से यात्रियों को तो राहत मिलेगी, साथ ही पटना, हैदराबाद, जयपुर और हटिया रूट पर भी नई ट्रेन चलाने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। कुछ रूट्स पर रेलवे की प्लानिंग हमसफर ट्रेन चलाने की है। छत्तीसगढ और समता एक्सप्रेस में भी कन्फर्म टिकट के लिए मारामारी रहती है। इनमें भी स्लीपर में 100 और एसी 3 में 40 के आसपास वेटिंग रहती है। यह ट्रेनें रायपुर से गोंदिया के बीच चलाई जाती हैं। यह नागपुर होकर भोपाल रूट से गोंदिया जाती हैं। इस रूट पर भी वेटिंग को देखते हुए नई ट्रेन चलाने पर विचार किया जा रहा है।