Retail Inflation: केंद्र सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में खुदरा महंगाई दर पिछले महीने के 0.7 प्रतिशत से बढ़कर तीन महीने के उच्चतम स्तर 1.33 प्रतिशत पर पहुंच गई। महंगाई सब्जी, अंडा और दाल समेत रसोई की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण देखने को मिली। सरकार द्वारा आज यानी 12 जनवरी 2026 को जारी आंकड़ों से यह पता चलता है।’
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महंगाई में लगातार 7वें महीने गिरावट
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खाद्य महंगाई में लगातार 7वें महीने गिरावट रही और यह शून्य से 2.71% रही। हालांकि इसमें नवंबर के मुकाबले वृद्धि हुई है। नवंबर में यह शून्य से नीचे 3.91 प्रतिशत थी।
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े जारी करते हुए कहा, ”दिसंबर 2025 के दौरान प्रमुख महंगाई और खाद्य महंगाई में वृद्धि मुख्य रूप से व्यक्तिगत देखभाल और प्रभाव, सब्जियों, मांस और मछली, अंडे, मसालों तथा दालों एवं उनके उत्पादों की महंगाई में वृद्धि के कारण हुई है।”
दिसंबर में खुदरा महंगाई लगातार चौथे महीने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की निचली संतोषजनक सीमा से नीचे रही। सरकार ने केंद्रीय बैंक को यह जिम्मेदारी दी हुई है कि महंगाई 2 प्रतिशत की घट-बढ़ के साथ 5 प्रतिशत पर बनी रहे।
नवंबर में बढ़कर 0.71 प्रतिशत पर पहुंच गई थी खुदरा महंगाई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खुदरा महंगाई नवंबर में बढ़कर 0.71% पर पहुंच गई, जबकि अक्टूबर में यह 0.25% थी। महंगाई में आई यह बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के खर्चों पर असर डाल सकती है। सब्ज़ियों, प्रोटीन-समृद्ध खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण नवंबर में खुदरा महंगाई बढ़ी है।
भाषा के इनपुट के साथ
