गौतम अडानी अब अपने ग्रीन सेक्टर बिजनेस को यूरोप तक फैलाने की तैयारी कर रहे हैं। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मोरक्को में एक बड़ा प्रोजेक्ट लाने के लिए बातचीत कर रहे हैं, जिसका टारगेट यूरोप को बिजली और उत्सर्जन मुक्त ईंधन की आपूर्ति करना है। अगर इनकी बातचीत सफर होती है तो अडानी ग्रुप यूरोप तक अपने ग्रीन एनर्जी बिजनेस को फैला सकता है।
ब्लूमवर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी का कोयला-से- पोर्ट ग्रुप उत्तरी अफ्रीकी के मोरक्को में विंड और सौर जनरेशन प्लांट बनाने और निर्यात के लिए ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है भारत के बाहर अडानी का सबसे बड़ा क्लीन पावर डेवलपमेंट होगा, जो 10 गीगावाट जितना बड़ा हो सकता है।
वहीं ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, यह मोरक्को की मौजूदा स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता के लगभग बराबर होगा, जिसमें कुल 2.8 गीगावाट विंड और सौर उत्पादन शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसर, इस विकास को 5 गीगावाट के दो चरणों में वितरित किया जाएगा और इसमें स्थानीय रूप से बिजली की आपूर्ति करने और कुछ बिजली सीधे यूरोप को निर्यात करने की योजना शामिल है।
इसके अलावा अडानी हाइड्रोजन की बिक्री के लिए मोरक्को के राज्य के स्वामित्व वाले ओसीपी समूह के साथ भी बातचीत कर रही है, जिसे उर्वरक निर्माता कार्बन मुक्त अमोनिया का उत्पादन करने के लिए फीडस्टॉक के रूप में उपयोग कर सकता है। हालांकि इसे लेकर अडानी ग्रुप की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
मोरक्को के ऊर्जा मंत्रालय, इसके उर्वरक निर्माता ओसीपी के साथ-साथ राज्य सोलर ऊर्जा एजेंसी मासेन ने भी टिप्पणी के लिए ब्लूमवर्ग के ईमेल का जवाब नहीं दिया है।
गौरतलब है कि अडानी ग्रीन के शेयरों में इस हफ्ते 3.6 फीसदी की तेजी आई, जो दो महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है और बेंचमार्क इंडेक्स में 2.4 फीसदी की बढ़त है।
बता दें कि अडानी ग्रुप का टारगेट दशक के अंत तक अपने साम्राज्य को ग्रीन एनर्जी का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बनाना है। वह ग्रीन एनर्जी सेक्टर के विकास पर बहुत अधिक निवेश कर रहा है और भारत और विदेशों में भारी उद्योग के डीकार्बोनाइजेशन को सक्षम बनाने का प्रयास कर रहा है।
