भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 18 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को फ्री ट्रेड डील (FTA) पर समझौता कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट को भारत ने सफलतापूर्वक पूरा किया है, यह एग्रीमेंट भारत की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। दोनों पक्षों के बीच यह डील साझेदारी का नया अध्याय खोलेगी।
भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड डील से सस्ता होगा सामान, कारोबार, फैक्ट्रियों और नौकरियों को होगा फायदा
इस फ्री ट्रेड डील (FTA) को ‘Mother of All Deals’ कहा जा रहा है और यह ग्लोबल आर्थिक व्यवस्था में अस्थिरता के दौर में भारत की व्यापार रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह समझौता व्यापक है। इसके तहत भारत को निर्यात होने वाले लगभग 97% यूरोपीय उत्पादों पर शुल्क कम किया गया है, जिससे धीरे-धीरे कई आयातित उत्पाद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती हो जाएंगे।
सबसे बड़ा बदलाव ऑटोमोबाइल क्षेत्र में देखने को मिल रहा है । भारत अपने लंबे समय से संरक्षित घरेलू कार उद्योग को खोल रहा है और यूरोपीय कारों पर शुल्क घटाकर 10% तक करने पर सहमत हो गया है। इससे अंततः भारतीय बाजार उन ब्रांडों के लिए भी खुल सकेगा जो पहले अधिक कीमत के कारण बाजार से बाहर थे।
फॉक्सवैगन, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने व्यापार समझौते का स्वागत किया और इसे जर्मनी की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर बताया।
समय के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है; क्योंकि व्यापार को लेकर अमेरिका का रवैया लगातार अनिश्चित होता जा रहा है और चीन सस्ते सामानों से ग्लोबल बाजारों को भर रहा है। भारत-यूरोपीय संघ समझौता भारत को अपनी आर्थिक साझेदारियों में विविधता लाने और दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक समूह तक स्थिर पहुंच सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करता है।
भारतीय परिवारों के लिए क्या चीजें हो जाएगी सस्ती?
भारतीय परिवारों के लिए, इसका असर रोजमर्रा की खरीदारी पर पड़ने की संभावना है। इस समझौते से यूरोपीय कृषि-खाद्य और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे वाइन, जैतून का तेल, ब्रेड, चॉकलेट, मिठाई और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों पर लगने वाले भारी शुल्क में कमी आएगी। भारत में इन उत्पादों की कीमत पारंपरिक रूप से उच्च आयात करों के कारण बहुत अधिक रही है।
| सेक्टर / प्रोडक्ट | 2024 एक्सपोर्ट | मौजूदा टैरिफ | भविष्य का टैरिफ |
| मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरण | €16.3 बिलियन | 44% तक | लगभग सभी उत्पादों पर 0% |
| विमान और अंतरिक्ष उपकरण | €6.4 बिलियन | 11% तक | लगभग सभी उत्पादों पर 0% |
| ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरण | €3.4 बिलियन | 27.5% तक | 90% उत्पादों पर 0% |
| प्लास्टिक | €2.2 बिलियन | 16.5% तक | लगभग सभी उत्पादों पर 0% |
| मोती, कीमती पत्थर और धातु | €2.1 बिलियन | 22.5% तक | 20% उत्पादों पर 0%, बाकी में कटौती |
| केमिकल्स | €3.2 बिलियन | 22% से 110% तक | लगभग सभी उत्पादों पर 0% |
| मोटर वाहन | €1.6 बिलियन | 110% (2.5 लाख तक) | 10% (2.5 लाख तक कोटा) |
| लोहा और स्टील | €1.5 बिलियन | 22% तक | लगभग सभी उत्पादों पर 0% |
| फार्मास्यूटिकल्स | €1.1 बिलियन | 11% | लगभग सभी उत्पादों पर 0% |
यूरोपीय संघ के उन सभी सामानों की पूरी सूची जिन पर शुल्क में कटौती की जाएगी
| प्रोडक्ट | वर्तमान शुल्क (%) | भविष्य के टैरिफ (%) |
| वाइन | 150 | 20 (प्रीमियम श्रेणी); 30 (मध्यम श्रेणी) |
| Spirits | 150 तक | 40 |
| बियर | 110 | 50 |
| जैतून का तेल, मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेल | 45 तक | 0 |
| कीवी और नाशपाती | 33 | 10 (कोटा के भीतर) |
| फलों के रस और गैर-अल्कोहल वाली बीयर | 55 तक | 0 |
| प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (ब्रेड, पेस्ट्री, बिस्कुट, पास्ता, चॉकलेट, पालतू जानवरों का भोजन) | 50 तक | 0 |
| भेड़ का मांस | 33 | 0 |
| सॉसेज और अन्य मांस उत्पाद | 110 तक | 50 |
