भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2018 (आइआइटीएफ) बुधवार से प्रगति मैदान में शुरू होगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सीआर चौधरी और केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री डॉक्टर महेश शर्मा इसका उद्घाटन करेंगे। 38 साल के इतिहास में इस बार सबसे छोटे मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेला 24 नवंबर तक चलेगा। निर्माण कार्य के चलते इस बार 38वें व्यापार मेले का आयोजन प्रगति मैदान के कुल क्षेत्रफल के मात्र 20 फीसद हिस्से में ही किया जा रहा है। प्रगति मैदान को एक विश्वस्तरीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है। मेले के पहले चार दिन 14 से 17 नवंबर तक केवल कारोबारी दर्शकों के लिए होंगे। आइआइटीएफ-2018 का थीम ‘भारत में ग्रामीण उद्योग’ रखी गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष में आयोजित हो रहे मेले में ग्रामीण एवं लघु उद्योगों पर जोर दिया गया है। मेले का आयोजन प्रगति मैदान के हाल नंबर 7, 8, 9, 10, 11, 12 और 12-ए तक ही सीमित रहेगा। व्यापार मेले की आयोजक इंडिया ट्रेड प्रमोशन आर्गनाइजेशन (इटपो) के प्रवक्ता संजय वशिष्ट ने बताया कि मुख्य थीम प्रदर्शनी हाल नंबर सात में लगाई गई है।
मेले में प्रवेश गेट नंबर एक (भैरो मार्ग), गेट नंबर आठ (मथुरा रोड़), गेट नंबर दस (प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन) से ही होगा। पहले चार दिन केवल व्यापारी और उद्यमियों के लिए होंगे। इन चार दिनों में प्रवेश टिकट 500 रुपए और पूरे चार दिन का टिकट 1800 रुपए प्रति व्यक्ति होगा। इसके बाद 18 से 27 नवंबर के दौरान आम जनता के लिए शनिवार, रविवार और छुट्टी के दिन प्रति वयस्क 120 रुपए और बच्चे का टिकट 60 रुपए होगा। कार्यदिवसों में यह टिकट क्रमश: 60 और 40 रुपए होगा। मेले में प्रवेश के टिकट प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन को छोड़कर चुनिंदा 66 मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध होंगे। प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन, प्रगति मैदान के प्रवेश द्वारों पर व्यापार मेले के टिकट नहीं बिकेंगे। मेला प्रतिदिन सुबह 9.30 बजे से शाम 7.30 बजे तक खुला रहेगा। वाहन पार्किंग की सुविधा गेट नंबर एक के सामने भैरो मार्ग पर होगी। पार्किंग के लिए भुगतान करना होगा। पार्किंग स्थल से मेला स्थल के गेट नंबर एक तक शटल सेवा उपलब्ध होगी।
आइआइटीएफ-2018 में झारखंड को फोकस राज्य बनाया गया है। अफगानिस्तान को भागीदार देश और नेपाल को फोकस देश की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा चीन, हांगकांग, ईरान, म्यांमा, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, तुर्की, ट्यूनीशिया, वियतनाम और संयुक्त अरब अमीरात के उद्यमी मेले में भाग लेंगे।

