CGHS Clarification: केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के फायदों को लेकर सरकार ने ओपीडी कंसल्टेशन चार्ज पर एक नया स्पष्टीकरण (clarification) जारी किया है। यह स्पष्टीकरण सीजीएचएस से जुड़े लाभार्थियों के लिए है। दरअसल, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को लगातार यह सवाल मिल रहे थे कि 700 रुपये और 350 की ओपीडी फीस कब और किन मामलों में लागू होगी? यह कंफ्यूजन इसलिए भी बढ़ गया था क्योंकि पिछले साल CGHS रेट्स में बड़ा बदलाव किया गया था।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी? अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर कितना हो सकता है इजाफा

नए सीजीएचएस क्लैरिफिकेशन में क्या कहा गया है?

जनसत्ता की सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, हेल्थ मिनिस्ट्री ने सीजीएचएस के डायरेक्टरेट जनरल से कंसल्टेशन के बाद, यह साफ किया है कि 700 रुपये की ओपीडी कंसल्टेशन फीस सिर्फ उन्हीं मामलों में वैलिड होगी जहां मरीज को किसी सुपर स्पेशलिस्ट (DM/MCh) डॉक्टर ने देखा हो।

डॉक्टर के पास मान्यता प्राप्त DM या MCh क्वालिफिकेशन हो और कंसल्टेशन संबंधित सुपर-स्पेशियलिटी डिसिप्लिन में दिया गया हो।

यह सुविधा सिर्फ CGHS-एम्पैनल्ड हॉस्पिटल में ही लागू होगी।

OPD कंसल्टेशन फीस आम तौर पर 350 रुपए उन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की OPD सर्विस पर लागू होती है जिनके पास सुपर-स्पेशलिस्ट क्वालिफिकेशन (DM/MCh) नहीं है।

क्या हैं आईपीडी मरीजों के लिए कंसल्टेशन के नियम?

सीजीएचएस ने साफ किया है कि इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (IPD) मामलों में हर स्पेशलिस्ट के लिए हर दिन अधिकतम दो कंसल्टेशन ही मान्य होंगे। यह नियम मौजूदा सीजीएचएस नियमों के तहत पहले से ही लागू है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

घरेलू से अंतरराष्ट्रीय उड़ान तक! ये 5 क्रेडिट कार्ड एयरपोर्ट लाउंज में दिलाएंगे फ्री एंट्री, ये है पूरी लिस्ट

सीजीएचएस रेट बदलाव में क्या बदला?

जनसत्ता की सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, सीजीएचएस ने पिछले वर्ष अपनी रेट लिस्ट में बदलाव किए थे। जिसमें ओपीडी कंसल्टेशन फीस को डॉक्टर की क्वालिफिकेशन और स्पेशलाइजेशन से जोड़ना, सुपर स्पेशलिस्ट सर्विस के लिए ज्यादा लिमिट तय करना और पैनल में शामिल अस्पतालों को एक साफ बिलिंग स्ट्रक्चर फॉलो करने का निर्देश देना शामिल था।

हालांकि, नए रेट स्ट्रक्चर के बाद कई अस्पतालों में यह साफ नहीं था कि हर ओपीडी विजिट के लिए 700 रिपये फीस ली जा सकती है या नहीं। अब जारी किए गए क्लैरिफिकेशन से यह साफ हो गया है कि 700 रुपये की फीस सभी मामलों में लागू नहीं होगी, बल्कि सिर्फ DM/MCh सुपर-स्पेशलिस्ट कंसल्टेशन पर लागू होगी।

सीजीएचएस बेनिफिशियरी को क्या ध्यान रखना चाहिए?

  • – ओपीडी विजिट से पहले डॉक्टर की क्वालिफिकेशन चेक कर लें।
    – ये वे वेरिफाई कर लें कि हॉस्पिटल CGHS-एम्पेनल्ड है या नहीं।
    – ये पक्का कर लें कि कंसल्टेशन कैटेगरी (स्पेशलिस्ट या सुपर स्पेशलिस्ट) बिलिंग रसीद पर साफ-साफ लिखी हो।

नए क्लैरिफिकेशन को सीजीएचएस बेनिफिशियरी और हॉस्पिटल दोनों के लिए ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने और गलत बिलिंग को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दिल्ली जैसे सीजीएचएस रेट्स किन शहरों को मिलेंगे?

केंद्र सरकार में हाल ही में सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) रेट्स में बदलाव किया है। इन बदलावों के बाद नए रेट्स को लेकर एक जरूरी क्लैरिफिकेशन जारी किया गया है। 16 दिसंबर मिनिस्ट्री ऑफ डिफ़ेंस ने जारी एक एडेंडम (स्पष्टीकरण नोट) के जरिए साफ किया है कि ECHS-एम्पैनल्ड हॉस्पिटल्स पर नए CGHS रेट्स लागू करने के लिए सिटी-क्लास और टियर मैपिंग कैसे काम करेगी। यहां एक आसान ब्रेकडाउन दिया गया है कि क्या बदला है और क्या नहीं। यहां पढ़ें पूरी खबर…