क्रूजर और एडवेंचर बाइक निर्माता रॉयल एनफील्ड ने अपने ग्राहकों की संख्या को बढ़ाने के लिए एक नई सर्विस को शुरू किया है जिसमें कंपनी रॉयल एनफील्ड बाइकों के लिए एक डिजिटल रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) सर्विस को लॉन्च किया है।
रॉयल एनफील्ड की ये नई रोड साइड असिस्टेंस सर्विस कंपनी की चुनिंदा बाइकों पर दिया जा रहा है जिसमें बुलेट, क्लासिक, मीटियोर, इलेक्ट्रा, 650 ट्विन्स और हिमालयन बाइक शामिल हैं। मगर ये रोड साइड असिस्टेंस की सुविधा कंपनी सिर्फ उन ग्राहकों को देगी जिसने पास कंपनी द्वारा वैलिड आरएसए है।
अगर आपके पास भी रॉयल एनफील्ड की बाइक है या नई बाइक खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो यहां जान ले इस रोड साइड असिस्टेंस सर्विस का लाभ कैसे लिया जा सकता है।
अगर आपके पास रॉयल एनफील्ड बाइक है और कभी वो रास्ते में खराब हो जाती है जो आप रॉयल एनफील्ड एप के जरिए रोड साइड असिस्टेंस के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। रिक्वेस्ट भेजने के बाद कंपनी आपकी लोकेशन पर एक टेक्नीशियन को भेजेगी।
छोटी मोटी खराबी होने पर बाइक को वहीं ठीक किया जाएगा और अगर ज्यादा बड़ी खराबी निकलती है तो उस बाइक को नजदीकी सर्विस स्टेशन पर ले जाया जाएगा। रॉयल एनफील्ड की ये सर्विस पैन इंडिया के ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी।
रॉयल एनफील्ड की इस रोड साइड असिस्टेंस के तहत लेबर चार्ज, आने जाने का खर्च कंपनी की तरफ से उठाया जाएगा। इसमें ग्राहक को सिर्फ बाइक में लगाए जाने वाले पार्ट्स के पैसे देने होंगे जो कंपनी की वारंटी या वार्षिक मेंटेनेंस कॉन्ट्रेक्ट के तहत नहीं आते हैं।
रॉयल एनफील्ड की तरफ से नए ग्राहकों के लिए ये रोड साइड असिस्टेंस सर्विस फ्री है लेकिन जिन ग्राहकों की बाइक तीन साल से ज्यादा पुरानी है उनके लिए ये सर्विस 800 रुपये और जिनकी बाइक 5 साल से ज्यादा पुरानी है उनके लिए इस सर्विस का चार्ज 1000 रुपये तय किया गया है।
रॉयल एनफील्ड की तरफ से इस रोड साइड असिस्टेंस की पहुंच देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य के हाईवे और सभी मोटरेबल रोड तक होगी जिसमें इलेक्ट्रिकल से लेकर मैकेनिकल और फिजिकल डैमेज जैसी स्थिति में तुरंत प्रभाव से मदद की जाएगी।
रॉयल एनफील्ड की रोड साइड असिस्टेंस सर्विस के अलावा कंपनी अपने ग्राहकों को और तरह की सर्विस भी दे रही है जिसमें ग्राहक अपने आरएसए कॉन्ट्रैक्ट में दो बार घर बैठे अपनी बाइक की सर्विस करवा सकते हैं। इस सर्विस में कंपनी टायर पंक्चर, बैटरी डैमेज, गलत फ्यूलिंग, और 5 लीटर तक पेट्रोल की डिलीवरी शामिल है।
