Budget 2026 FAQs: 1 फरवरी 2026 को मोदी सरकार 3.0 का तीसरा आम बजट पेश होगा। यूनियन बजट 2026-27 पर आम लोगों से लेकर उद्योग जगत तक सभी की निगाहें टिकी हैं। बजट में नई घोषणाएं क्या होंगी, इस पर चर्चा तो होगी ही, लेकिन उससे पहले बजट का बेसिक गणित समझना ज्यादा जरूरी है।
सरल शब्दों में कहें तो बजट सरकार की सालभर की कमाई और खर्च का पूरा खाका होता है। सरकार की आमदनी टैक्स, जीएसटी, कस्टम ड्यूटी, सरकारी कंपनियों के डिविडेंड और कर्ज से होती है। वहीं खर्च में योजनाएं, किसानों की मदद, सैलरी-पेंशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे सेक्टर शामिल होते हैं। बजट से पहले आपके मन में कई सवाल आते होंगे। यहां हम उन्हीं कुछ सवाल के जवाब दे रहे हैं…
क्या होता है बजट?
बजट सरकार का वार्षिक लेखा-जोखा होता है। आसान शब्दों में कहें तो बजट में बताया जाता है कि अगले वित्त वर्ष में सरकार कितना कमाएगी, कितना खर्च करेगी और पैसा किन-किन क्षेत्रों में जाएगा।
कौन पेश करता है बजट?
भारत में वित्त मंत्री संसद में आम बजट पेश करते हैं। इस समय भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण है और वो 1 फरवरी 2026 को लगातार 9वां बजट पेश करेगी।
क्यों जरूरी होता है बजट?
बजट से शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च यानी देश की आर्थिक दिशा बजट से तय होती है। बजट से यह भी तय होता है कि टैक्स में राहत मिलेगी या नहीं।
बजट 2026 किस अवधि के लिए होगा?
आम बजट वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के वित्तीय वर्ष के लिए होगा।
बजट कब और कितने बजे पेश किया जाएगा?
देश का यूनियन बजट एक फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।
सरकार के लिए बजट लाना क्यों है जरूरी?
किसी भी सरकार को अपनी आय को खर्चे के साथ संतुलित करना पड़ता है, इसके लिए सरकार को बजट बनाना होता है।
क्या होती है बजट की हलवा सेरमेनी?
किसी भी शुभ काम करने से पहले जिस तरह मुंह मीठा करवाया जाता है, बजट से पहले भी यहीं परंपरा सालों से चली आ रही है। खुद वित्त मंत्री एक बड़ी करछी से हलवा अपने साथी कर्मचारियों को परोसती हैं।
बजट में विपक्ष क्या परिवर्तन करवा सकता है?
बजट में विपक्ष के सुझावों को मानने की परंपरा चली आ रही है। बजट के किसी भी बिंदू में अगर किसी को आपत्ति होती है तो वोटिंग के जरिए संशोधन की मांग कर सकता है।
