कपड़ा उद्योग की वजह से पर्यावरण प्रदूषण, जल संकट, रासायनिक प्रदूषण, कार्बन उत्सर्जन और कचरे की समस्या बढ़ रही है।
कपड़ा उद्योग की वजह से पर्यावरण प्रदूषण, जल संकट, रासायनिक प्रदूषण, कार्बन उत्सर्जन और कचरे की समस्या बढ़ रही है।
खरीफ फसल के लिए गांवों में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
पर्यावरण प्रदूषण ने मानव सभ्यता की तमाम गतिविधियों और विकास पर जो असर पिछले तीन दशकों में डाला है, उसका…
पश्चिमी वैज्ञानिकों का अध्ययन कितना सही है, यह गौर करने वाली बात है। क्योंकि वहां विकास के नाम पर सभी…
जिस तरह से सेवा क्षेत्र में लगातार वृद्धि हो रही है, उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वर्ष…
देश में ऐसे कई इलाके हैं, जहां के पानी में जहरीले रसायनिक तत्त्व घुले हुए हैं, जिसकी वजह से उन…
भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक धरती के अंदर दिनोंदिन हलचल बढ़ रही है।
केंद्र सरकार ने विकास के नाम पर जितनी भी योजनाएं बनाई हैं, वे पूर्व सरकारों के नक्शेकदम पर ही हैं।
भारत में विज्ञान शोध की प्रबल और प्राचीन परंपरा होने के बावजूद आजादी के बाद से ही विज्ञान के क्षेत्र…
डाक्टरों की कमी की वजह से ग्रामीणों को मजबूरन झोला छाप डाक्टरों की सेवाएं लेनी पड़ती हैं।
चौंकाने और हैरत में डालने वाली बात है- प्लास्टिक की बरसात। मगर आने वाले वक्त में पानी की जगह प्लास्टिक…