अब तक ब्रेक डांस की दुनिया में पुरुषों का वर्चस्व रहा है। वहीं बंगलुरु की जोहाना रॉड्रिग्स पुरुषों के वर्चस्व वाली इस दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। मुंबई में पिछले हफ्ते ‘रेड बुल बीसी वन विश्व चैंपियनशिप’ के 16वें संस्करण का आयोजन किया गया। जोहान रॉड्रिक्स ने इस चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। ‘रेड बुल बीसी वन वर्ल्ड चैंपियन 2019’ का खिताब हासिल करने के लिए इस बी-गर्ल यानी ब्रेक डांसर को 30 से अधिक देशों के 70 से अधिक ब्रेक डांसरों को टक्कर देनी थी, हालाकि वह विजेता नहीं रही और रूस की बी-गर्ल कास्टेट विश्व चैंपियन बनीं। इसके बावजूद जोहान रॉड्रिक्स आज चर्चा में है।
‘रेड बुल बीसी वन’, दुनिया में सबसे बड़ी और सबसे प्रतिष्ठित ब्रेक डांस प्रतियोगिता है। यद्यपि भारत में पुरुष और महिला ब्रेक डांसरों की संख्या पर कोई सत्यापित आंकड़े नहीं हैं, लेकिन अनुमान है कि लगभग 800 पुरुष ब्रेक डांसरों पर सिर्फ 40 महिलाएं हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जोहाना रॉड्रिग्स ने इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंच कर कितनी बड़ी मिसाल कायम की है।
23 वर्षीय जोहाना रॉड्रिग्स पेशे से योग प्रशिक्षक हैं और वह योग के साथ डांस को मिलाकर कर करती हैं। रॉड्रिग्स काफी समय से भारतीय शास्त्रीय नृत्य के साथ हेडस्टैंड (यानी सिर के बल खड़े हो जाना) और बैकफ्लिप्स का अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने समकालीन नृत्य और बैले नृत्य का भी प्रशिक्षण लिया है। वह योग, कलारीपयट्टू की प्राचीन स्वदेशी मार्शल आर्ट और भरतनाट्यम नृत्य शैलियों को मिलाकर नृत्य पेश करती हैं। रोड्रिग्स के नृत्य का यही अंदाज उन्हें सबसे अलग बनाता है और इसी अंदाज की वजह से उन्हें चैंपियनशिप में जीत दर्ज नहीं कराने के बाद भी एक पहचान मिली है।
हालांकि जोहाना रॉड्रिग्स ने कभी भी ब्रेक डांसर बनने का सपना नहीं देखा था। वह बचपन से धावक बनने के सपने देखती थीं। वह जमैका के मशहूर धावक उसैन बोल्ट को आदर्श मानकर बड़ी हुई हैं। रॉड्रिग्स मानती हैं कि भारत में एक लड़की का ब्रेक डांसर होना बड़ी बात है। ऐसा करने के लिए मुझे मां से प्रेरणा मिली। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता कि आखिर क्यों लड़कियों को कम आंका जाता है, खासकर स्कूल में एथलेटिक्स में। मुझे यह फर्क समझ में नहीं आता, शायद इसलिए क्योंकि मैंने मां को वो सब करते देखा है जो पुरुष करते हैं। वह लाइटबल्ब लगाने, मोटरसाइकिल चलाने से लेकर खाना भी बनाती है। मैं हमेशा लड़कों से बेहतर बनना चाहती थी।’
रॉड्रिक्स दक्षिणी बेंगलुरु में एक स्कूली छात्रा थी। स्कूलों के दिनों में ही उन्हें एक बार हिप-हॉप डांस देखने का मौका मिला। डांस को देखते-देखते उन्हें डांस से लगाव हो गया। तब से वह नृत्य का अभ्यास करने लगी। कुछ नया और अलग करना चाहती थी इसलिए उन्हें योग के साथ इसे किया। नृत्य सीखने में उनके ब्रेक डांसर दोस्त ने मदद की। डांस सीखने के एक साल बाद ही उन्होंने सार्वजनिक मंच पर नृत्य किया, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। आज वह सड़क, पार्क में किसी भी जगह पर बड़े आराम से नृत्य करती हैं। वह प्रतिक्रियां से नहीं डरती।

