भारतीय परंपरा में परोपकार, सेवा, दान का एक ही लक्ष्य मानवता है। यह सभी संकीर्णताओं को पराजित करता है। शिक्षा,…
जिन चीजों को भाजपा के प्रवक्ताओं ने केजरीवाल के शीशमहल में गिनवाई हैं, ऐसे जैसे कि उनके होने से साधारण…
नए नियमों के तहत दरअसल, विश्वविद्यालयों का राष्ट्रीयकरण हो जाएगा और ‘मसीहा’ देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (एचईआइ) पर…
बहसों के ‘दो पाटों के बीच’ में फंसे कई एंकर जितना कहते कि ‘जो चला गया, उस पर राजनीति न…
एक ओर आभासी दुनिया में बच्चों का मन भरमाने वाली सामग्री उन्हें दिशाहीन बना रही है, तो दूसरी ओर नाबालिगों…
कहना जरूरी है कि क्या हम राजनीतिक पंडितों को ऐसी योजनाओं का विश्लेषण ईमानदारी से नहीं करना चाहिए, जो लागू…
इतिहास डॉ. सिंह के प्रति दयालु होगा या नहीं, मेरा मानना है कि इतिहास के पन्नों पर डॉ. सिंह के…
कुछ देर के लिए ही सही, मनमोहन सिंह के निधन ने सभी नेताओं को थोड़ा-थोड़ा ‘निर्मल’ कर दिया! कबीर की…
मोहन भागवत की पहल ने मार्क्सवादी-नेहरूवादी और अल्पसंख्यकों, दोनों को जड़ता से निकलने का स्पष्ट संदेश दिया है। कोई रचनात्मक…
राजनीति आम लोगों के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण जरिया है अपने अधिकार हासिल करने के लिए। भारत को सख्त जरूरत है…
शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह में, सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं का चुनाव एक साथ कराने के लिए संविधान (एक…
संविधान को कोई पवित्र ग्रंथ मानना इसके साथ ही अन्याय है। यह शुद्ध रूप से हमारी राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक व्यवस्था…