अब तक ‘सत्ता’ का सत्य था, अब ‘सत्य’ ही सत्ता है। कल तक सत्ता का ‘सत्य’ यह था कि ‘कट्टर…
मनीष जैसल अपने इस लेख में बता रहे हैं कि हिंदी कथा साहित्य के महान स्तंभ मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं…
हमको गर्व होना चाहिए कि भारत न पाकिस्तान है और न बांग्लादेश। और न ही हम उनके रास्ते पर चलना…
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने जब कहा कि दुनिया के देशों को एकजुट होकर अमेरिका का सामना करना…
टीवी बहसों की गाली-गलौज से लेकर गणतंत्र दिवस, यूजीसी के विवादित नियम, सवर्ण समाज का विरोध और सुप्रीम कोर्ट की…
कराईकुडी का यह वाकया अपनों से जुड़े रहने के सार्थक प्रयास का उदाहरण है। विशेषकर बदलती पारिवारिक परिस्थितियों में यह…
अजित पवार के अंतिम संस्कार से उठता सवाल—क्या नए भारत में काम करने वाला नेता भ्रष्टाचार से ऊपर हो गया…
गनीमत है कि इस खास समय में सामान्य नागरिक हित के मुद्दों पर अभी भी कई चैनल अपने को बेहद…
विकसित लोकतंत्र का दावा करने वाले देश के शीर्ष पर बैठे राजनेता मध्ययुगीन राजाओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं।…
प्रधानमंत्री से गुजारिश है कि अपने मुख्यमंत्रियों के दावोस जाने पर आप सख्ती से पाबंदी लगाएं, नहीं तो भारतीय जनता…
अरविंद पनगढ़िया ने 2025 के आर्थिक सुधारों पर सवाल उठाते हुए 2026 के लिए सीमा शुल्क, व्यापार, निर्यात और रुपये…
गत शुक्रवार चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया कि ‘नरम ठाकरे’ के साथ ‘गरम ठाकरे’ के आने का नुकसान हुआ।…