आज भी भारतीय लोकमानस में संत कबीर जीवन-दर्शन के आकाश में ध्रुवतारे के अटल ज्ञान के रूप में जगमगा रहे…
अब वह सामने खड़ा है और एक निरीह नग्नता से अपना नाम-पता बता रहा है। जैसे ही तुमने उसे पहचाना,…
सुपरिचित रचनाकार राजी सेठ की किताब जहां से उजास समानधर्मा अग्रजों और समकालीनों पर लिखे लेखों का संकलन है।
रवींद्र भारती की कविता के साथ इस तरह का खिलवाड़ उचित नहीं। वे जो भी कहना चाहते हैं, अचूक और…