लाओत्स ने विचार-शून्यता पर बल दिया। कहा कि तुम केवल द्रष्टा बन जाओ। जो कुछ हो रहा है, उसे सिर्फ…
इतनी सारी सूचनाएं, इतनी सारी इच्छाएं, इतने सारे सपने हमने अपने जीवन के लिए पाल रखे हैं कि वे पीछा…
वैदिक धमार्नुसार सृष्टि में प्रत्येक योनियों के जीव को ईश्वर द्वारा भिन्न भिन्न प्रवृत्ति प्राप्त है।
परमात्मा की व्यवस्था में सभी कुछ सुंदर और संतुलित है जिससे कभी भी किसी का मन नहीं भर सकता लेकिन…
क्या मेट्रो में, ऑफिस में या घर पर भी सीढ़ियां देखते ही आपको ऐसा महसूस होता है कि आप दिन…