यह ध्यान रखने की जरूरत है कि कोई भी लोकतंत्र तभी और ज्यादा मजबूत बनता है, जब उसमें अलग-अलग विचारों…
भारत में भी आए दिन भूकम्प के झटके किसी बड़ी आशंका के संकेत हो सकते हैं।
व्यवस्था के विरोध में जनता के लिए लिखने वाले पत्रकारों के प्रति शासन की असहिष्णुता की खबरें अक्सर सामने आती…
जिस उम्र में बच्चों के खेलने-पढ़ने और भविष्य की बुनियाद रचने का दौर होता है, उसमें आज ऐसे किशोरों की…
कई बार अदालतों के सामने कुछ मामलों में कानून के बारीक बिंदुओं की व्याख्या करने में अड़चन आ जाती है,…
हम बेशक आधुनिक कहलाने में गर्व महसूस करते हों, लेकिन स्त्रियों के प्रति, खासकर उनके रंग-रूप को लेकर सोच आज…
इस बजट में सरकार ने कुछ लक्ष्य तय किए हैं। यह एक बड़ा दायित्व है। भाजपा वर्षों से दिल्ली के…
हमारे देश में जनप्रतिनिधियों पर कई देशों की तुलना में बहुत अधिक खर्च होता है, इसलिए भी यह बढ़ोतरी लोगों…
गाजा इस समय अभूतपूर्व मानवीय संकट से गुजर रहा है। वहां कोई मानवीय सहायता भी नहीं पहुंच पा रही है।…
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि मणिपुर में समस्याएं संवैधानिक तरीके से हल की जा सकती हैं…
वायु गुणवत्ता पर जोर देते समय हमें अब हृदय स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना होगा, क्योंकि वायु प्रदूषण के…
अगर सचमुच वहां कानून-व्यवस्था चुस्त होती, सुशासन के दावे हकीकत होते, तो नीतीश कुमार के इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री…