अंधाधुंध शहरीकरण की वजह से झीलों, तालाबों और नालियों पर भी अवैध निर्माण हो चुका है।
अक्सर बड़े शहरों में अमीर लोगों को कुत्ता पालने का शौक रहता है, पर वह कुत्ते को घुमाने-फिराने के सिवा…
बांग्लादेशी प्रधानमंत्री भारत से आपसी सहयोग की उम्मीद लेकर ही भारत आई होंगी।
सरकार मजदूरों से लेकर हर श्रमिक के कल्याण के लिए योजनाएं बनाती है।
आजकल लोग दोस्ती उनके व्यक्तित्व को देख कर नहीं बल्कि उनकी जाति, धर्म, संप्रदाय आदि देखकर करने लगे हैं।
मिखाइल गोर्बाचेव ने 1985 से 1991 तक सोवियत संघ को दुनिया के लिए खोलने तक सत्ता संभाली।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में आप जनसेवक है, तो पद भले ऊपर हो, लेकिन आत्मीयता धरातल पर ही हो, यह आज विश्व…
सत्य है कि स्वतंत्रता के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी राजस्व उत्पन्न करने में बिहार आत्मनिर्भर नहीं हो…
भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से एक है, जहां बहुदलीय लोकतांत्रिक प्रणाली फल-फूल रही है।
अगर हमारे देश में भी जवाबदेही तय हो और नैतिक आधार को सर्वोपरि मानकर फैसले लिए जाएं तो शायद देश…
दरअसल यह एक राजनीतिक कलाबाजी अलावा कुछ नहीं है। उत्तर प्रदेश की इन अठारह जातियों में निषाद केवट मल्लाह, राजभर,…