ताज़ा खबर
 

jansatta chaupal

pandit nehru and gandhi, jansatta opinion, jansatta chaupal

चौपालः अपने-अपने महापुरुष

आखिर महापुरुष कैसे किसी एक के हो सकते हैं या नहीं हो सकते हैं? चाहे नेहरू हों या और कोई नेता, अगर देश के प्रति उनका योगदान है तो क्यों न उनके प्रति कृतज्ञ हुआ जाए?

jansatta chaupal, vote bank politics, vaot buying

चौपालः वोट की खरीद

जब लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव होते हैं तो राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों में चावल, साड़ी, रंगीन टीवी, अनाज, लैपटॉप, साईकिल आदि सामान मुफ्त देने का वादा करके मतदाताओं को लुभाने की खुलेआम कोशिश करते हैं।

Thinking, drought, jansatta chaupal

चौपालः सोच का सूखा

सूखे की वजह सेकुलरता है’- यह पहला वाक्य था उस संदेश का, जो तीन-चार रोज पहले ‘वाट्सएप’ पर पढ़ने को मिला। लिखा था: आपको लगेगा कि यह अजीब बकवास है, पर है यह अटल सत्य ।

Work, Education, Jansatta chaupal

चौपालः श्रमिकों के साथ

पिता कहते थे कि शिक्षा प्राप्त कर लोगे तो सब पा जाओगे; मैं शिक्षा नहीं पा सका, इसलिए जीवन में कष्ट है। पिता के निधन के बाद कुछ धनोपार्जन के उद्देश्य से मैं एक जगह प्राइवेट ट्यूशन के लिए जाने लगी थी।

earthquake Shock, JANSATTA chaupal, jansatta opinion

चौपालः खतरे की दस्तक

आजकल कुछ दिनों के अंतराल पर विश्व के किसी न किसी भू-भाग में भूकम्प के झटके महसूस किए जा रहे हैं। हर साल दुनिया के कुछ हिस्सों को भीषण भूकम्प से पैदा होने वाले विनाश का सामना करना पड़ता है।

self defence, haryana police, security, crime, panchayat

चौपालः पुलिस की छवि

देश में पुलिस तंत्र की स्थापना औपनिवेशिक समय में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए की गई थी। भले ही अंग्रेजों का मूल मंतव्य भारतीय नागरिकों को दबाए रखने का रहा हो पर आज भी सामाजिक सुरक्षा और जनजीवन को भयमुक्त तथा सुचारू रूप से चलाना पुलिस तंत्र का विशुद्ध कर्तव्य है।

The path of crime, jansatta chaupal, jansatta opinion

चौपालः अपराध की डगर

पिछले कुछ सालों से दिल्ली में चोरी, रोड-रेज, छेड़खानी, बलात्कार, हत्या आदि जैसे संगीन अपराधों में शामिल नाबालिगों की बढ़ती संख्या डराने वाली है।

Danish Woman Gangrape Case Court Order on Tomorrow

चौपालः न्याय की नीति

पीलीभीत फर्जी मुठभेड़ मामले में पिछले दिनों सीबीआई की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया और अपराध में लिप्त कुल सत्तावन पुलिस वालों में से जीवित बचे सभी सैंतालीस को उम्र कैद की सजा सुनाई।

Political slogans, jansatta article, jansatta chaupal

चौपालः नारों की सियासत

भौगोलिक सीमाएं देश का नक्शा तय करती हैं और देश के करोड़ो लोगों का संयुक्तिकरण राष्ट्र बनाता है।

चौपालः बाजार में शिक्षा

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की फीस में भारी इजाफे का प्रस्ताव अगर अमल में आता है तो यह देश के वंचित समाज के लोगों को यह शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार से अप्रत्यक्ष रूप से वंचित कर देगा।

चौपालः पुनर्विचार की दरकार

सरकारी नौकरियों और पदोन्नतियों में आरक्षण की पिछले लगभग साठ सालों से चली आ रही सरकारी रीति-नीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। समय आ गया है कि आरक्षण की नीति पर एक बार फिर विचार हो और आरक्षण का आधार भी ‘आर्थिक’ बनाया जाए।

चौपालः रंग बेरंग

होली के रंग मानव जीवन के विभिन्न उतार-चढ़ावों को व्यक्त करते हैं जैसे हंसना-रोना, रूठना-मनाना, सुख-दुख, गम-खुशी, गुस्सा-प्यार। ठीक वैसे ही जैसे लाल, पीला, नीला, काला, हरा रंग प्रकृति के मूड को व्यक्त करते हैं।

bengaluru,minor marriage,parents,karnataka

चौपालः जाति की जड़ना

तमिलनाडु में अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़े को भरे बाजार में जाति-व्यवस्था के पोषकों ने अपना शिकार बना डाला। दलित पृष्ठभूमि से आने वाले शंकर की मौत हो गई और एक अति पिछड़ी जाति की कौशल्या बुरी तरह घायल हो गई।

चौपालः स्त्री का डर

आजादी मिलने के इतने सालों बाद भी शिक्षा और आर्थिक खुशहाली बढ़ने के बावजूद महिलाओं की दशा उतनी नहीं सुधरी, जितना सुधरनी चाहिए। आज एक महिला देश की प्रधानमंत्री बन सकती है, मंत्री और मुख्यमंत्री बन सकती है, न्यायाधीश, आइएएस, आइपीएस अफसर बन सकती है, लेकिन दावे से यह नहीं कहा जा सकता है कि […]

Opinion on hand's of law, jansatta article, jansatta opinion, jansatta chaupal

चौपालः कानून के हाथ

जब बागड़ ही खेत को खाने लगे तो खेत का क्या होगा! जब देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री ही कानून को ठेंगा दिखाने वालों के दरबार में हाजिरी लगा कर कानून की अवहेलना करने वालों को महिमामंडित करेंगे तो देश में कानून का सम्मान कैसे होगा!

चौपालः देशभक्ति का दायरा

आग्रह और दुराग्रह’ (संपादकीय 16 मार्च) में संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर एआइएमआइएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी और उधर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान शाहिद अफरीदी की एक सरसरी टिप्पणी पर वहां के एक वकील की प्रतिक्रिया के संदर्भ में अपने तर्कसंगत विचार पेश किया गया है।

चौपालः कौन जिम्मेदार

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों को कर्ज नहीं चुका पाने वाले सभी बडेÞ उद्योगपतियों के नाम उजागर करने को कहा। इस फंसी हुई रकम को बैंक की भाषा में एनपीए यानी नॉन प्रोफिट एसेट्स कहा जाता है।

चौपालः नीयत में खोट

किंगफिशर के मालिक विजय माल्या सत्रह बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपए के कर्जदार हैं और अपने विरुद्ध कानून का शिकंजा कसते देख देश छोड़ कर निकल गए हैं।