आत्मज्ञान के लिए सर्वप्रथम जो कड़ी है, वह है मन। मन को हम स्वयं नियंत्रित नहीं कर सकते। मन का…
अभिभावकों को समझना होगा कि आरंभिक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होने से बच्चे सहजता से सीख पाएंगे। पढ़ते, लिखते और…
जब युवा मन की जिज्ञासाओं को बुजुर्ग खुले दिल से सुनें, और युवा भी बुजुर्गों के अनुभवों से सीखने को…
आधुनिकता की दौड़ में लोग आज बहुत आगे निकल गए हैं और पारंपरिक रीति-रिवाज व लोक संस्कृति पीछे छूट गई।…
घर का रूठना केवल एक भौतिक स्थान का रूठना नहीं है। यह उस आधारशिला का हिलना है, जो हमें मानवता…
अब तो बेटियां बेटों से बढ़ कर हैं। परवरिश और पढ़ाई से वे न केवल बेहतर इंसान साबित होती हैं,…
हम निर्जीव चीजों के धनवान हैं। मसलन पैसा, कार, मकान, पर हमारा भावनात्मक पक्ष दिवालिया हो रहा है। निर्जीव चीजों…
हमारा यथार्थ हमारे स्वप्नों, हमारी आकांक्षाओं, हमारी इच्छाओं, हमारे उन विकल्पों के भीतर भी छिपा रहता है, जिन्हें हम चुन…
जीवन को उत्सव की तरह जीना है तो लोगों के प्रति मैत्री भाव रखना चाहिए। यह बात दिमाग से निकाल…
मनुष्य अगर इस गूढ़ तथ्य को समझ सके कि दुख और सुख, दोनों ही उसे उसी परम सत्य की ओर…
हर व्यक्ति का जीवन एक अलग राह पर है। इसलिए दूसरों की तुलना में खुद को कमतर आंकना, या किसी…
जीवन की जटिलता के वर्तमान दौर में खुश रहना आसान भले नहीं लगता, लेकिन यह असंभव नहीं है। हमारी दिनचर्या…