शांत रहकर परिस्थिति को समझना और सही समय पर निर्णय लेना जीवन की सबसे बड़ी कला है। यह न केवल…
जल, वायु और मृदा- ये तीनों ही पर्यावरण के अभिन्न अंग हैं। हम अपने जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाना…
जब उपेक्षित हृदय कहता है कि जिस धन में किसी का दुख जुड़ा हो, वह अपने पास नहीं रखना चाहिए,…
जब हम एक बार दूसरों को देकर खुशी प्राप्त करना सीख लेते हैं, परमार्थ से आनंद प्राप्त करने लगते हैं,…
समय कभी बोलता नहीं, लेकिन उसका मौन सबसे प्रखर भाषा है। यह हर व्यक्ति को उसकी हैसियत, कीमत और नियति…
हम कितना श्रम करते हैं और कितना अर्जन करते हैं, यह कोई मायने नहीं रखता। दरअसल, हमने समाज को क्या…
मनुष्यता को बचाने की लड़ाई हर सभ्यता में दर्ज है, लेकिन बचाना और अंत तक बचाए रखने वाली चीज है…
एक दिन वह परम स्पष्टता आएगी, जब जीवन की सारी भागदौड़, सारे संघर्ष, सारी उपलब्धियां- सब कुछ एक छोटे-से बालक…
आज का समय हमें ‘परिणाम’ से बांधता है, लेकिन थकान ‘प्रयास’ की भाषा है। वह कहती है कि हमने दौड़…
इंसान सब कुछ नहीं जानता, इसलिए उसमें हर समय कुछ नया जानने की जिज्ञासा बनी रहती है। यही उसे नए…
कम सामान के साथ जीना, उसे संभालकर काम में लेना, उसकी कद्र करना उसके वैकल्पिक उपयोग खोजना हमें अधिक सार-संभाल…
सुख-दुख दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं। तेज चिलचिलाती धूप के बाद किसी ठंडे स्थान पर आने के बाद ही…