वक्त बीतने के साथ-साथ कई ऐसी यादें भी होती हैं जिन्हें हम भुला नहीं सकते। जब हम किसी प्रिय व्यक्ति…
बेहतरीन प्रेम कविताएं प्रेम के दौरान नहीं, प्रेम की स्मृति में या उसकी कल्पना में लिखी गई हैं। प्रेम करना,…
अगर हमें अपने त्योहारों की पवित्रता बचानी है तो कम से कम इन्हें बाजार और पैसे के मकड़जाल से बचाकर…
जीवन में सुख-दुख साथ-साथ आते हैं। पर हमें लगता है कि दुख ने हमारे घर में अधिक समय तक बसेरा…
हम सिर्फ सोचते ज्यादा रहे हैं। सपनों में ही ज्यादा खोते रहे हैं। इसलिए शायद हकीकत का धरातल उथला रह…
कई लोग सामने बैठ तो जाते हैं, मगर पल में ही कहीं खो जाते हैं। वे न तो बोलने वाले…
भले ही इंसान एक स्वार्थी और आत्मकेंद्रित जीव है, लेकिन उसमें परोपकार सहानुभूति और समानुभूति के भाव आसानी से जागृत…
इस बाजारवाद की सबसे भयावह चीज यही है कि मध्यवर्गीय परिवार के अनेक बच्चे अपने अभिभावकों की परेशानियों को समझना…
जीवन की शांति परिस्थितियों को न केवल ठीक करने की लगन से मिलती है, बल्कि यह सोचने से भी मिलती…
समय प्रबंधन ही समस्त रिश्तों का आधार होता है। जो व्यक्ति हमसे जुड़ा है, वह संवाद की अपेक्षा हमसे रखता…
मौके-बेमौके मिठाइयां खाने- खिलाने की चाह हर किसी को होती ही है। इसीलिए हर तीज- त्योहार से किसी न किसी…
हमारे प्राणों, शरीर और जीवन के मुख्य आधार प्राकृतिक घटकों की स्थिति ही जब अत्यधिक प्रतिकूल हो चुकी हो तो…